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डॉक्टर की दुत्कार से आहत हुई दाई, अस्पताल में खाया जहर, मौत के बाद परिजनों का फूटा गुस्सा

Mon, 01 Oct 2018 10:44 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 01 Oct 2018 10:44 PM IST
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Hurting by doctor's misbehave woman committed suicide
मृतका के घर के बाहर लगी लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
यूपी के औरैया जिले में ड्यूटी न मिलने से नाराज दाई (महिला कर्मचारी का पद) ने सीएचसी अछल्दा में रविवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में दाई को सैफई रेफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। सोमवार की शाम शव गांव आने पर मृतका के परिवारीजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर परिजनों ने अछल्दा-बिधूूना मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। सीओ भास्कर वर्मा व एसओ शशांक राजपूत मौके पर पहुंचे और मृतका के बेटे से तहरीर लेकर हंगामे को शांत किया। 


 
Hurting by doctor's misbehave woman committed suicide
आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़, फूलमती की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
अछल्दा स्थित सीएचसी पर फूलमती (60) पत्नी गयादीन दाई की नौकरी करती थी। तीन माह पहले चिकित्सक ने उसे निकाल दिया था। रविवार को जब फूलमती अस्पताल पहुंची तो वहां चिकित्सक नवीन के दुत्कारने और अभद्र बोलने पर फूलमती ने जहर खाया। तीन घंटे उपचार के बाद फूलमती को सैफई रेफर किया गया, जहां देररात को उसकी मौत हो गई। सोमवार की शाम लगभग पांच बजे फूलमती का शव गांव पहुंचा तो लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजन ग्रामीणों के साथ शव को लेकर अछल्दा-बिधूना मार्ग पर पहुंचे और जाम लगा दिया। लगभग आधे घंटे बाद जाम की सूचना पर सीओ बिधूना भास्कर वर्मा और एसओ शशांक राजपूत पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लोग चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहे थे।
Hurting by doctor's misbehave woman committed suicide
लोगों को समझाते सीओ बिधूना भास्कर वर्मा व एसओ शशांक राजपूत - फोटो : अमर उजाला
मृतक के पुत्र सुखवीर सिंह ने बताया कि चिकित्सक ने उसकी मां को तीन महीने से टरका रहा था। रविवार को उसकी मां ने काम पर रखने की बात कही तो चिकित्सक नवीन कुमार ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए दुत्कार दिया। इसके बाद उसकी मां फूलमती ने अस्पताल में ही जहर खा लिया। डॉक्टर ने मां को तीन घंटे तक सीएचसी में इलाज दिया। बाद में सैफई रेफर किया। पहले रेफर कर दिया जाता तो शायद मां की जान बच जाती। फूलमती के दूसरे पुत्र वीरेंद्र ने बताया कि मां हम लोगों से अलग रहती थी। अस्पताल में दाई का काम करके वह अपनी जीविका चलाती थी। तंगहाली में ही वह डॉक्टर के पास काम मांगने गई थी। बता दें कि फूलमती के चार पुत्र वीरेंद्र कुमार, राजवीर, रामवीर, शुखवीर सिंह सभी अलग-अलग रहते हैं।
 
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Hurting by doctor's misbehave woman committed suicide
जाम लगाए आक्रोशित ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
 फूलमती के बेटे ने चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तहरीर दी है। जांच की जाएगी। डॉक्टर दोषी होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-भास्कर वर्मा, सीओ 

महिला मेरे पास नहीं आई थी, वह अस्पताल परिसर में घूम रही थी। मुझे कर्मचारियों ने बताया था कि महिला ने कुछ पी लिया। सीएचसी में इलाज में सफलता न मिलती देख उसे सैफई रेफर किया गया था।
-डॉ नवीन, चिकित्सक सीएचसी
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