धर्मनगरी चित्रकूट में शनिवार रात से रविवार तड़के तक लगातार तीन घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से मंदाकिनी नदी उफना गई। रामघाट समेत अन्य घाटों की सीढ़ियां डूब गईं और पानी दुकानों में घुस गया। नदी के पुल से गुजरते समय कई तीर्थयात्री फंस गए। स्नान करने के दौरान चार युवक नदी में बह गए। तीन युवक तो तैरकर बाहर आ गए, जबकि एक युवक को पुलिस के गोताखोरों ने नदी के बीच में रेस्क्यू चलाकर बचा लिया।
2 of 4
खतरे के निशान तक पहुंची मंदाकिनी
- फोटो : अमर उजाला
जिले की सीमा सेे सटे मध्यप्रदेश समेत यूपी क्षेत्र के चित्रकूट इलाके में शनिवार की देर रात सवा तीन बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रविवार सुबह सवा छह बजे तक हुई, जिससे मंदाकिनी नदी में खतरे के निशान तक पहुंच गई। पूरे रामघाट के रास्ते से होकर पानी दुकानों में घुस गया। बारिश से मंदाकिनी नदी तट के पास बसी बस्ती में कुछ घरों में पानी भर गया। साथ ही छह से ज्यादा कच्चे और पक्के घरों की दीवारें ढह गई, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
3 of 4
खतरे के निशान तक पहुंची मंदाकिनी
- फोटो : अमर उजाला
जानकीकुंड स्थित प्रमोद घाट में नदी में स्नान करने वाले गाजीपुर जिले के पीयूष (15), रोहित (25), आकाश सोनी (15) और इमरान खान (26) बह गए, जिससे हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे नया गांव थाना प्रभारी केपी त्रिपाठी ने पुलिस टीम और नाविकों की मदद से एक युवक को जिंदा निकाल लिया, जबकि तीन युवक तैरकर बाहर निकल आए। बारिश थमने के कई घंटे बाद दोपहर को डीएम विशाख जी अय्यर और एसपी मनोज झा ने नदी के किनारे का निरीक्षण किया।
4 of 4
खतरे के निशान तक पहुंची मंदाकिनी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने अधिकारियों को नदी किनारे तीर्थयात्रियों को जाने से रोकने के निर्देश देते हुए नदी में स्नान करने पर रोक लगा दी है। उधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एएन गुप्ता ने बताया कि खतरे के निशान तक मंदाकिनी का जलस्तर पहुंच गया था, पर कुछ देर बाद जलस्तर घटने लगा। मध्यप्रदेश के सतना समेत पहाड़ों और चित्रकूट में बारिश होने से नदी में पानी बढ़ गया था।