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पांच घंटे चला ऑपरेशन, कहां कैसे और कब गायब हुआ शिक्षिका का गॉल ब्लैडर?
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 17 Feb 2018 08:04 AM IST
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कानपुरः उल्टियां होने से परेशान प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका संगीता वाजपेयी ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर गाल ब्लैडर निकलवाने के लिए फॉरच्यून हॉस्पिटल में आपरेशन कराया, पर पांच घंटे चले ऑपरेशन के बावजूद सर्जन को गॉल ब्लैडर नहीं मिला।
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बर्रा-2 निवासी संगीता वाजपेयी ने बताया कि एक दिसंबर को उन्हें अचानक उल्टियां होने लगीं तो कुंदन देवी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर के कहने पर हर्ष नगर स्थित आदर्श डायग्नोस्टिक सेंटर में उसी दिन अल्ट्रासाउंड कराया।
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डॉ. सोनल नारद ने काफी देर अल्ट्रासाउंड किया। फिर अगले दिन बुलाया। उस दिन उनके पति डॉ. कमल नारद ने अल्ट्रासाउंड किया। रिपोर्ट में गाल ब्लैडर में 7.9 मिलीमीटर का स्टोन होने का उल्लेख किया।
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एक जनवरी को फारच्यून हॉस्पिटल में सर्जन डॉ. मनीष से लेप्रो विधि से ऑपरेशन कराया। डॉ. मनीष के मुताबिक जब गॉल ब्लैडर नहीं मिला, तो परिजनों की सहमति से पेट में चीरा लगाया, फिर भी गाल ब्लैडर ढुंढे नहीं मिला। आपरेशन नोट में उन्होंने इसका उल्लेख भी किया है।
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10 फरवरी को उन्होंने दूसरे अल्ट्रासाउंड सेंटर में अपने सामने मरीज का अल्ट्रासाउंड कराया, तब भी गाल ब्लैडर नहीं मिला।