जालौन हादसा: पांच लोगों की मौत, एक फोन कॉल से शादी वाले घर में मचा कोहराम, लोगों को याद आई 11 साल पुरानी घटना
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इन लोगों ने किसी तरह गमगीन माहौल में शादी की बची हुई रस्में पूरी कीं। शादी में जिस समय महिलाएं मंगलगीत गा रहीं थीं तभी एक फोन ने वहां पर कोहराम मचा दिया। दूल्हों का पिता मूलचंद पाल और अन्य परिजन उरई मेडिकल कॉलेज पहुंचा।
शिवराज ने दिए दो दो लाख, योगी ने जताया दुख
जालौन में हुए भीषण हादसे की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख जताते हुए आर्थिक मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
लोगों को याद आ गई 11 साल पुरानी घटना
इस भीषण हादसे के बाद लोगों को 11 साल पहले माधौगढ़ थाना क्षेत्र के महाराजपुरा गांव में 18 फरवरी 2012 को बरात की बस पहूज नदी में गिर गई थी। इसमें 25 लोगों की जान चली गई थी। यह बरात मध्यप्रदेश के जिला मुरैना के थाना नगरा के गांव साहसपुरा से माधौगढ़ कोतवाली के गांव रुदपुरा निवासी हरपाल सिंह के यहां आई थी। देर रात महाराजपुरा के पास निकली पहूज नदी पर वने लकड़ी के पुल से बस निकालते समय बस गहरे पानी में चली गई थी। पानी में डूबने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। एक साथ इतनी मौतों से जिला थर्रा गया था।
तीन गंभीर घायल हायर सेंटर रेफर
हादसे में घायल गांव रूरी निवासी कल्लू कारीगर (40), मध्य प्रदेश के गांव बैजला निवासी सुंदर सिंह (38), मढ़ेला निवासी शिव सिंह (44), उदय सिंह (35), जितेन्द्र पाल(38), सुल्तान (33), राजेन्द्र (40), लल्लू पाल (37), रवीन्द्र सिंह (35) को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद मध्यप्रदेश के थाना दबोह के गांव रोनी निवासी अशोक, मढ़ेला निवासी ब्रजेंद्र सिंह राजावत, गुड्डू की हालत अधिक गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।