फतेहपुर के औंग थाना इलाके के रानीपुर में बंद पड़ी फैक्टरी में पत्नी रेशमा (25) की हत्या कर शव को जलाने के मामले में आरोपी ने बड़ा खुलासा किया है। आरोपी ने बताया कि रेशमा की सास से नहीं बनती थी। इस कारण ही दीपू वारदात वाले दिन उसे अपने साथ बंद फैक्टरी में यह कहकर लाया था कि वह अलग कमरा लेकर रहेगा।
दीपू, सनी और रेशमा के साथ उनका ढाई साल का बच्चा भी चमड़ा फैक्टरी पहुंचे। यहां दीपू ने पहले सनी को बच्चे के साथ पेट्रोल लेने के लिए भेज दिया। तब तक उसने रेशमा का गला दबाकर उसकी हत्या की। शव को फूंकते समय भी दीपू ने सनी से कहा, बच्चे को बाहर ले जाओ। वारदात के बाद दोनों बड़ाहार में रहने वाली दीपू की बहन के घर पहुंचे और बच्चे को बहन के हवाले कर महाराजपुर पुलिस के पास रेशमा की गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंच गए।
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fatehpur murder
- फोटो : अमर उजाला
350 रुपये का पेट्रोल और 150 का खरीदा था केन
दीपू के साथी सनी ने बताया कि शव को फूंकने में कुल 500 रुपये खर्च हुए थे। पास के ही पेट्रोल पंप के कर्मचारी को उसने 500 का नोट देकर कार में डालने के नाम पर पीपा और पेट्रोल मांगा। कर्मचारी ने उससे 150 रुपये केन के लिए और बाकी बचे 350 रुपये का पेट्रोल दिया। उसी पेट्रोल से दीपू ने रेशमा के शव को सिर से पैर तक नहला दिया, इसके बाद माचिस जलाकर शव फूंक दिया था।
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इंस्टाग्राम ने ही प्यार चढ़ाया परवान फिर ली रेशमा की जान
रेशमा अपनी नानी किशनी के पास जहानाबाद थाने के नयापुरवा में रहती थी। उसे सोशल मीडिया पर अपडेट रहना का काफी शौक था। रेशमा को नहीं पता था कि इंस्टाग्राम चलाने का शौक ही उसकी जिंदगी में खुशियों की जगह जान का दुश्मन भी बन जाएगा। परिजनों की मानें तो रेशमा की इंस्टाग्राम से दीपू से दोस्ती हुई फिर दोनों ने घरवालों की मर्जी के बगैर शादी कर ली, लेकिन रेशमा का शौक एक बच्चे की मां बनने के बाद भी नहीं छूटा।
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थाने के पास बैठी रेशमा की मौसी मंजू, नानी केशनी मौसी की बेटी मोनी और रेशमा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आखिर में इसी शौक ने उसकी जान ले ली। पूछताछ में दीपू ने बताया कि शादी के बाद भी रेशमा की इंस्टाग्राम पर तीन-चार युवकों से दोस्ती थी। उसे तो यकीन ही था कि हो न हो, उनमें से किसी एक के साथ रेशमा के करीबी संबंध थे। इसी के चलते ने उसने रेशमा को मौत के घाट उतार दिया। दीपू का कहना है कि उसे रेशमा की मौत का कोई अफसोस नहीं है। उसका यही अंजाम होना था।
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थाने के पास बैठी रेशमा की मौसी मंजू नानी केशनी मौसी की बेटी मोनी मौसा राजाराम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महाराजपुर की रेशमा का फैक्टरी में मिला था सुलगता शव
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के औंग थाना क्षेत्र में रानीपुर स्थित बंद फैक्टरी में सुलगते मिले शव की पहचान कानपुर जिले के महाराजपुर की रेशमा (25) के रूप में परिजन ने की है। पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। इसी मामले में पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। महिला का शव 15 सितंबर को फैक्टरी में जला हुआ मिला था। विवेचना के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन फैक्टरी के आसपास मिली थी। नंबरों के आधार पर पुलिस रविवार दोपहर कानपुर महाराजपुर थाने के गंगागंज गांव दीपू पासवान के घर पहुंची।