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फर्रूखाबाद: गोली बम धमाकों से दहशत में आए बच्चे गिड़गिड़ाए तो तमंचा दिखा धमकाया फिर जड़े थप्पड़
Sat, 01 Feb 2020 08:57 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रूखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रूखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 01 Feb 2020 08:57 AM IST
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घटना के बाद से दहशत में हैं बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद स्थित करथिया गांव में तहखाने में बंद बच्चे गोली व बम चलने से सहम गए। बंधक बच्चों में शामिल किशोर विनीत ने उन्हें संभाला। उसने बच्चों को समझाया कि डरें नहीं और तहखाने की अंदर से कुंडी बंद कर ली। पर शातिर सुुुभाष की पत्नी रूबी ने कुंडी खोल दी।
सभी बच्चे सुरक्षित छुड़ाए गए
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद सुभाष ने बच्चों को तमंचा दिखाकर धमकाया। इससे बच्चे शांत हो गए। मोहम्मदाबाद के गांव करथिया में जिन 23 बच्चों को शातिर ने बंधक बनाया था उनमें गांव के रामकिशोर कठेरिया का 14 वर्षीय बेटा कक्षा नौ का छात्र विनीत भी शामिल था।
12 घंटे की दहशत नहीं हो रही खत्म
- फोटो : अमर उजाला
वह बंधक बच्चों में बड़ा था और उसने अपनी समझदारी व निडरता का परिचय भी दिया। उसने बताया कि जब सुभाष ने बंद किया तो उसने विरोध किया। इसके बाद जब उसने पुलिस पर फायरिंग की और हथगोला फेंका तो उसके साथ बंद किए गए सभी बच्चे सहम गए और रोने लगे।
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बच्चों ने बताया कैसे बीते 12 घंटे
- फोटो : अमर उजाला
इस पर उसने बच्चों को हौसला दिया कि डरो नहीं सभी लोग बाहर निकलेंगे। ये कहने के बाद उसने तहखाने की कुंडी अंदर से बंद कर ली। वहां बम चलाने के लिए लगाए तार को विनीत ने तोड़ डाला। पर अंदर सुभाष की पत्नी रूबी थी। उसने कुंडी खोल दी।
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सिरफिरे ने 11 घंटों तक 23 बच्चों को बंधक बना के रखा
- फोटो : अमर उजाला
सुभाष अंदर पहुंच गया और तमंचा दिखाकर बच्चों को धमकाया। विनीत ने इसका विरोध किया तो सुभाष ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। फिर भी विनीत ने कहा कि उन्हें बंधक क्यों बनाया है। आशाराम की जुड़वां बेटियां गंगा (12) व जमुना (12) भी बच्चों को जल्द छूटने का ढांढस बंधाती रहीं।
देसी बम डिफ्यूज करने में लगे तीन घंटे
करथिया गांव में शातिर सुभाष के घर से बरामद किए गए देसी बमों को तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मुरादाबाद से आई टीम डिफ्यूज कर सकी। बम की तीव्रता की जांच के लिए विस्फोटक के लिए गए नमूने को आगरा की लैब में भेजा जाएगा।
मुरादाबाद की पुलिस लाइन से बम निरोधक दस्ते को मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव करथिया में मिले देसी बम को डिफ्यूज करने के लिए फर्रुखाबाद बुलाया गया। मुरादाबाद की टीम के प्रभारी दरोगा अरुण कुमार व दीवान रवि शर्मा, राजपाल सिंह, प्रशांत कुमार, फहीम अहमद, राजेंद्र सिंह, लोकेश कुमार व चालक रतन कुमार शुक्रवार को लगभग 11 बजे करथिया गांव में पहुंचे। सबसे पहले टीम ने सुभाष के घर का बारीकी से निरीक्षण किया।
वहां मिले सभी विस्फोटक को अपने कब्जे में ले लिया। घर के किसी अन्य कोने में कोई बम तो नहीं रखा गया इसको लेकर टीम ने किसी को अंदर घुसने नहीं जाने दिया। सर्च में जब सब ठीक मिला तो टीम के प्रभारी अरुण कुमार देसी बम लेकर गांव से दूर एक खेत पर गए।
वहां चार बड़े व चार छोटे सुतली बमों के अलावा एक छोटे सिलिंडर, एक प्लास्टिक के डिब्बे में मिली विस्फोटक सामग्री को डिफ्यूज किया। प्रभारी ने बताया बम कम क्षमता के थे लेकिन सभी एक साथ फट जाते तो हादसा हो सकता था। छोटे सिलिंडर व प्लास्टिक के डिब्बे में मिला विस्फोटक प्रथम दृष्टया गंधक-पोटास का मिश्रण लग रहा है। सभी विस्फोटकों के नमूने एकत्र कर लिए गए हैं। उनको जांच के लिए आगरा की लैब में भेजा जाएगा
देसी बम डिफ्यूज करने में लगे तीन घंटे
करथिया गांव में शातिर सुभाष के घर से बरामद किए गए देसी बमों को तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मुरादाबाद से आई टीम डिफ्यूज कर सकी। बम की तीव्रता की जांच के लिए विस्फोटक के लिए गए नमूने को आगरा की लैब में भेजा जाएगा।
मुरादाबाद की पुलिस लाइन से बम निरोधक दस्ते को मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव करथिया में मिले देसी बम को डिफ्यूज करने के लिए फर्रुखाबाद बुलाया गया। मुरादाबाद की टीम के प्रभारी दरोगा अरुण कुमार व दीवान रवि शर्मा, राजपाल सिंह, प्रशांत कुमार, फहीम अहमद, राजेंद्र सिंह, लोकेश कुमार व चालक रतन कुमार शुक्रवार को लगभग 11 बजे करथिया गांव में पहुंचे। सबसे पहले टीम ने सुभाष के घर का बारीकी से निरीक्षण किया।
वहां मिले सभी विस्फोटक को अपने कब्जे में ले लिया। घर के किसी अन्य कोने में कोई बम तो नहीं रखा गया इसको लेकर टीम ने किसी को अंदर घुसने नहीं जाने दिया। सर्च में जब सब ठीक मिला तो टीम के प्रभारी अरुण कुमार देसी बम लेकर गांव से दूर एक खेत पर गए।
वहां चार बड़े व चार छोटे सुतली बमों के अलावा एक छोटे सिलिंडर, एक प्लास्टिक के डिब्बे में मिली विस्फोटक सामग्री को डिफ्यूज किया। प्रभारी ने बताया बम कम क्षमता के थे लेकिन सभी एक साथ फट जाते तो हादसा हो सकता था। छोटे सिलिंडर व प्लास्टिक के डिब्बे में मिला विस्फोटक प्रथम दृष्टया गंधक-पोटास का मिश्रण लग रहा है। सभी विस्फोटकों के नमूने एकत्र कर लिए गए हैं। उनको जांच के लिए आगरा की लैब में भेजा जाएगा