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दोहरा हत्याकांड: एसओ व चौकी इंचार्ज निलंबित, एसपी ने मानी लापरवाही, मामा-भांजे के लापता होने की शिकायत पर नहीं दिखाई गंभीरता

Mon, 21 Mar 2022 06:19 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 21 Mar 2022 06:19 PM IST
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Double murder, SO and outpost in-charge suspended
मामा-भांजे की हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
कानपुर निवासी मामा-भांजे के दोहरे हत्याकांड में पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित ने सुमेरपुर थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी व पत्योरा चौकी इंचार्ज नंदकिशोर यादव को निलंबित कर दिया है। एसपी ने दोनों को मामा-भांजे के लापता होने की शिकायत को गंभीरता से नहीं लेने का दोषी माना है।


इस मामले में कानपुर पुलिस कमिश्नर पहले ही बर्रा के एडिशनल इंस्पेक्टर व गुजैनी चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर चुके हैं। कानपुर के बर्रा निवासी मयंक शर्मा अपने भांजे विपुल शर्मा के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर 12 मार्च को  पत्योरा गांव यहीं के रहने वाले संतराम के बुलाने पर आया था।

गांव पहुंचने के बाद दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ हो गए थे। 13 मार्च को मयंक की बहन प्रिया शर्मा ने सुमेरपुर थाने में आकर भाई मयंक शर्मा व बहन के पुत्र विपुल के गायब होने की सूचना देकर तलाश करने की गुहार लगाई थी।
Double murder, SO and outpost in-charge suspended
मामा-भांजे की हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने लापरवाही बरतते हुए उसके प्रार्थना पत्र पर गौर नहीं किया। 14 मार्च को प्रिया शर्मा ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। पुलिस ने तब भी सक्रियता नहीं दिखाई। 16 मार्च को मयंक और विपुल के शव जलाला व झंझरिया डेरा के बीच खेतों में बने एक पुराने कुएं से बरामद हुए।

 
Double murder, SO and outpost in-charge suspended
मामा-भांजे की हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
प्रिया शर्मा व उनके परिजनों ने पोस्टमार्टम के दौरान पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगाकर जाम लगाने का प्रयास किया था। पुलिस आरोपी संतराम, उसके पिता शंकरी व मामा रामस्वरूप को गिरफ्तार कर चुकी है। कोर्ट ने तीनों को जेल भेज दिया था।

 
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मामा-भांजे की हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
9 मार्च को भी बुलाया था, घर पर ही की हत्या
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मयंक को 9 मार्च को भी बुलाया था। मगर उस दिन वह वारदात को अंजाम नहीं दे सके थे। इसलिए तीन दिन बाद दोबारा बहाने से बुलाया। आरोपियों ने दोनों को घर में ही मार दिया था। उसके बाद दोनों के शव अलग-अलग बोरे में भरे। उसके बाद कुएं में शव फेंक दिए। बाइक को तोड़कर कुएं में ही डाल दिया था। 

 
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मामा-भांजे की हत्या का मामला - फोटो : अमर उजाला
शातिर अपराधी हैं आरोपी, केंद्रीय मंत्री के नाम पर की ठगी 
हत्यारोपियों का आपराधिक इतिहास है। आरोपी शंकरी डकैत भाऊ सिंह, गजरात सिंह व रामकरन के गिरोह में रहा है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती के कई केस दर्ज हैं। संतराम व रामस्वरूप के साथ मिलकर एक केंद्रीय मंत्री के नाम पर ग्रामीणों से धोखाधड़ी कर लाखों रुपये की ठगी की थी। एसपी ने बताया कि करीब 250 से 300 लोगों को सिलाई मशीन देने व आवास दिलाने के नाम पर 20 लाख की ठगी की थी।
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