साल 2018 में कुल तीन सूर्य ग्रहण घटित होंगे। ये तीनों आंशिक सूर्य ग्रहण होंगे। भारत में ये तीनों ग्रहण दिखाई नहीं देंगे लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप पर इस ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्रहण के प्रभाव काे कम करने के लिए पूजन विधि बताई गईं हैं। इनका पालन करने से ग्रहण का प्रभाव ताे खत्म हाेगा ही यह अापके लिए फलदाई हाे जाएगा।
सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्य कर्म यानी जप, ध्यान, दान आदि 1 लाख गुना और सूर्यग्रहण में 10 लाख गुना फलदायी होता है। यदि गंगाजल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में 1 करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में 10 करोड़ गुना फलदायी होता है।
ग्रहण के समय गुरुमंत्र, ईष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें। न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है। ग्रहण के अवसर पर दूसरे का अन्न खाने से 12 वर्षों का एकत्र किया हुआ सब पुण्य नष्ट हो जाता है।
यह सूर्य ग्रहण शतभिषा नक्षत्र और कुम्भ राशि में लग रहा है और शतभिषा राहु का नक्षत्र है। इसलिए इसी कारण इस नक्षत्र से संबंधित राशि वाले लोगों के लिए यह ग्रहण परेशानी का कारण बन सकता है।