टॉयलेट में एेसा क्या था! जिसकी वजह से लड़की ने कहा- 'जाने का मन नहीं करता'
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कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज में शुक्रवार को ‘खुला संवाद’ का आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग और छात्रावास से पांच-पांच छात्र-छात्राओं ने कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता के समक्ष अपनी-अपनी बातें रखीं।
संगीत विभाग की एक छात्रा ने कहा कि मैम यहां टॉयलेट इतने गंदे होते हैं कि उसमें जाने का मन ही नहीं करता। एजूकेशन विभाग की एक छात्रा ने विश्वविद्यालय परिसर के बीच में फीमेल पब्लिक टॉयलेट न होने का मुद्दा उठाया। कहा कि एडमिशन कराने के लिए जब अभिवावक आते हैं तो उन्हें टॉयलेट के लिए कैंपस के दूसरे छोर पर जाना पड़ता है।
लाइफ साइंस की एक छात्रा ने कहा कि उनके यहां ज्यादातर कुर्सियां, मेज टूटी हैं। हॉस्टल के छात्रों ने खाने की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए। इस पर कुलपति ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अफसरों और इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से समस्याओं को निस्तारित करने का आदेश दिया।
उन्होंने साफ-सफाई के लिए विशेष चेतावनी दी। कहा कि अगर आगे से इस तरह की शिकायत आई तो संबंधित जिम्मेदार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुलपति ने कहा कि कैंपस काफी बड़ा है। यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर कई विश्वविद्यालयों की तुलना में काफी अच्छा है। इसे और बेहतर बनाने का प्रयास रहेगा। उन्होंने छात्रों की सहूलियत के लिए जल्द ही एक कैंपस बस चलाने का एलान किया।