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दुनियाभर की छोटी-बड़ी कंपनियां हैकरों के निशाने पर, रहें सतर्क
Thu, 20 Dec 2018 12:03 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 20 Dec 2018 12:03 PM IST
सार
- इजरायल के साइबर एक्सपर्ट प्रो. इरेन टोक बोले, हैकर दुनिया की छोटी-बड़ी कंपनियों को आसानी से पहुंचा सकते हैं नुकसान
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इजरायल के साइबर एक्सपर्ट ने दी जानकारी
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विस्तार
दुनियाभर की छोटी-बड़ी कंपनियां हैकरों के निशाने पर हैं। इन कंपनियों के महत्वपूर्ण डाटा, फाइनेंशियल जानकारी आदि हैकर पल में हैक कर सकते हैं। हैकरों की तैयारी है कि देश और दुनिया की अलग-अलग कंपनियों को निशाना बनाकर उद्योग जगत को भारी नुकसान पहुंचाया जाए।
बुधवार को यह बातें इजरायल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी से आए साइबर एक्सपर्ट प्रो. इरेन टोक ने बताईं। आईआईटी कानपुर में उन्होंने बताया कि मौजूदा समय कंपनियां अपने डाटा को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। इससे वे आसानी से हैकर का निशाना बन सकते हैं। प्रो. इरेन ने बताया कि ऐसी विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए उन्होंने रिवार्ड-पेनॉल्टी गेम बनाया है, जिसके प्रयोग से काफी हद तक कंपनियां डाटा हैकिंग जैसी बड़ी समस्या से बच सकती हैं।
प्रो. इरेन ने हैकिंग रोकने का एक दिलचस्प तरीका बताया। बोले, किसी भी कंपनी में साइबर के जानकार कुछ लोग होते हैं, लेकिन काम सैकड़ों लोग करते हैं। इंटरनेट का प्रयोग करने के दौरान कई एप डाउनलोड करते हैं और कई मेल भेजते हैं। यह काम कभी-कभी अनजान लोगों के हाथों में भी सौंप दिया जाता है, इससे कोई भी हैकर एक मेल आईडी के जरिए कंपनी के इंटरनल सॉफ्टवेयर तक पहुंच जाता है।
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बुधवार को यह बातें इजरायल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी से आए साइबर एक्सपर्ट प्रो. इरेन टोक ने बताईं। आईआईटी कानपुर में उन्होंने बताया कि मौजूदा समय कंपनियां अपने डाटा को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं। इससे वे आसानी से हैकर का निशाना बन सकते हैं। प्रो. इरेन ने बताया कि ऐसी विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए उन्होंने रिवार्ड-पेनॉल्टी गेम बनाया है, जिसके प्रयोग से काफी हद तक कंपनियां डाटा हैकिंग जैसी बड़ी समस्या से बच सकती हैं।
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प्रो. इरेन ने हैकिंग रोकने का एक दिलचस्प तरीका बताया। बोले, किसी भी कंपनी में साइबर के जानकार कुछ लोग होते हैं, लेकिन काम सैकड़ों लोग करते हैं। इंटरनेट का प्रयोग करने के दौरान कई एप डाउनलोड करते हैं और कई मेल भेजते हैं। यह काम कभी-कभी अनजान लोगों के हाथों में भी सौंप दिया जाता है, इससे कोई भी हैकर एक मेल आईडी के जरिए कंपनी के इंटरनल सॉफ्टवेयर तक पहुंच जाता है।
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डेमो पिक
फिर वह कभी भी मालवेयर के जरिए कंपनी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसे रोकने के लिए रिवार्ड-पेनॉल्टी गेम का प्रयोग किया जा सकता है। सही जानकारी पर रिवार्ड मिलेगा तो गलत जानकारी पर पेनॉल्टी। इससे तय हो जाएगा कि किसका कंप्यूटर मेन सर्वर से जोड़ा जा सकता है। साथ ही पेनॉल्टी के रूप में वेतन से पैसा काटा जाएगा। ऐसी स्थिति में कोई भी व्यक्ति लालच भरी मेल या किसी गलत और अनजान मेल को डाउनलोड नहीं करेगा।
पासवर्ड को पूरी तरह से बदलें
एनटीयू, सिंगापुर से आए प्रो. शिवम भसीन ने चिप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक गलती के चलते हैकर किसी भी चिप से सारी जानकारी निकाल सकता है। इसके लिए चिप रखने वालों को थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। लोग कोशिश करें कि पासवर्ड में समय-समय पर पूरा बदलाव करें। कॉन्फ्रेंस के संयोजक डॉ. संदीप शुक्ला ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में दुनिया से आए साइबर विशेषज्ञों ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इसके आधार पर जल्द शोध कार्य शुरू होगा। अब ये कॉन्फ्रेंस वर्ष 2019 में गांधी नगर स्थित धीरूभाई अंबानी इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट में होगा।
आस्ट्रेलिया, इजरायल, सिंगापुर मिलकर करना चाहते हैं शोध
दुनियाभर से आए वैज्ञानिकों ने इंस्टीट्यूट के सी3आई लैब का मुआयना किया, यह लैब दुनिया की चुनिंदा साइबर लैबों में से एक है। आस्ट्रेलिया, इजरायल, सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने साइबर सिक्योरिटी पर आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर शोध करने की इच्छा जताई है। प्रो. अवी मेंडेलसन, प्रो. शेय ग्यूरॉन और प्रो. इरेन टोक ने विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप शुक्ला से साथ काम करने की बात कहते हुए एमओयू करने की भी इच्छा जताई। प्रो. शुक्ला ने बताया कि सी3आई लैब में वैज्ञानिक साइबर सिक्योरिटी और हैकर को मात देने के लिए शोध कर रहे हैं।
पासवर्ड को पूरी तरह से बदलें
एनटीयू, सिंगापुर से आए प्रो. शिवम भसीन ने चिप के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक गलती के चलते हैकर किसी भी चिप से सारी जानकारी निकाल सकता है। इसके लिए चिप रखने वालों को थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। लोग कोशिश करें कि पासवर्ड में समय-समय पर पूरा बदलाव करें। कॉन्फ्रेंस के संयोजक डॉ. संदीप शुक्ला ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में दुनिया से आए साइबर विशेषज्ञों ने कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। इसके आधार पर जल्द शोध कार्य शुरू होगा। अब ये कॉन्फ्रेंस वर्ष 2019 में गांधी नगर स्थित धीरूभाई अंबानी इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट में होगा।
आस्ट्रेलिया, इजरायल, सिंगापुर मिलकर करना चाहते हैं शोध
दुनियाभर से आए वैज्ञानिकों ने इंस्टीट्यूट के सी3आई लैब का मुआयना किया, यह लैब दुनिया की चुनिंदा साइबर लैबों में से एक है। आस्ट्रेलिया, इजरायल, सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने साइबर सिक्योरिटी पर आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर शोध करने की इच्छा जताई है। प्रो. अवी मेंडेलसन, प्रो. शेय ग्यूरॉन और प्रो. इरेन टोक ने विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप शुक्ला से साथ काम करने की बात कहते हुए एमओयू करने की भी इच्छा जताई। प्रो. शुक्ला ने बताया कि सी3आई लैब में वैज्ञानिक साइबर सिक्योरिटी और हैकर को मात देने के लिए शोध कर रहे हैं।