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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवविवाहिताओं काे मिले गिलट के बिछिया अाैर पायल
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 08 Mar 2018 08:34 AM IST
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राठ में चांदी की जगह गिलट के जेवरात निकालने का मामला आया सामने
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत नवविवाहिताओं केे बांटे गए चांदी की पायलों और बिछियों पर प्रश्न चिंह लगने लगा। बुधवार को कस्बे की दो नव वधुओं ने प्रशासन द्वारा उपहार में दी गई पायलों और बिछियों को चांदी की जगह गिलट का बताया। नव वधुओं ने बताया कि उनके साथ धोखा हुआ है।
दो नव वधुओं ने चांदी की पायल और बिछियों को बताया गिलट
इस मामले में उपजिलाधिकारी सुरेश कुमार मिश्रा ने इस मामले काे गलत बताया है। एसडीएम का कहना है कि यह सब साजिश है। फिलहाल जिलाधिकारी के माध्यम से इसकी जांच कराई जा रही है। 23 फरवरी को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जनपद में 63 गरीब कन्याओं की शादियां हुईं थी। इस शादी में राठ कस्बे के सिकंदरपुरा मोहल्ले से 6, अतरौलिया और पठानपुरा से दो जोड़ों के रजिस्ट्रेशन हुए थे।
पायल और बिछियों को दिखाती नव वधुएं रागिनी और निधि
शादी के दौरान प्रशासन द्वारा नव वधुओं केे उपहार स्वरूप एक जोड़ी चांदी की पायलें और बिछिया दिए गए थे। बीते कुछ दिन पहले इटावा और औरेया सहित हमीरपुर में चांदी की पायलों और बिछियों की जगह गिलट के जेवरात मिलने की सनसनी खेज मामले सामने आए। तो नव वधुओं में संदेह पैदा हो गया है। बुधवार को सिकंदरपुरा मोहल्ला निवासी जाहर सिंह की पुत्री निधि और सर्वेश की पुत्री रागिनी ने पायल और बिछिया दिखाते हुए चांदी की जगह गिलट का बताया है।
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पायल और बिछियों को दिखाती नव वधुएं
चांदी की बिछिया मुलायम होती है जबकि उन्हें जो मिली है वह कठोर है। नव वधुओं ने बताया कि उन्होंने इसकी जांच सुनार के यहां कराई थी। सुनार ने इसे चांदी की जगह गिलट का बताया। वहीं वधुओं ने मिलने वाले सोने के मंगलसूत्र पर भी प्रश्न चिंह लगाया। कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि सोने के मंगलसूत्र में मिलावट हो। फिलहाल उन्होंने मंगलसूत्र की जांच नहीं कराई है। इस मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए जांच कराने के लिए टीम गठित की है। अब देखना है कि जांच के दौरान चांदी की चमक फीकी पड़ती है या नहीं।