कहतें हैं रिश्ताें में तकरार इंसान काे अापे से बाहर कर देता है। कुछ यही हुअा अाैरेया के दिबियापुर के कृष्णानगर के रहने वाले रूपेंद्र के साथ। रूपेंद्र सिक्याेरिटी एजेंसी का मालिक था। बुधवार की देर रात उसने पहले अपने जान से भी ज्यादा चाहने वाली पत्नी श्वेता काे गाेली मारी अाैर फिर खुद काे गाेली मार ली। एक समय था, जब दाेनाें के प्यार का मिसाल दिया जाता था, लेकिन बुधवार की रात कमरे में दाेनाें काे खून से लतपथ देख हर किसी के हाेश उड़ गए। अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डाक्टराें ने रूपेंद्र काे मृत घाेषित कर दिया। जबकि श्वेता काे सैफई रेफर किया गया, जहां जाते-जाते उसने भी दम ताेड़ दिया। अागे पढ़िए इस 16 साल की प्रेम कहानी का कैसे हुअा दर्दनाक अंत...
इस प्यार काे क्या नाम दें?
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बात वर्ष 2000 की है जब रूपेंद्र अाैर श्वेता अाैरेया के केंद्रीय विद्यालय में हाईस्कूल के छात्र थे। दाेनाें के बीच चाहत का दाैर यहीं से शुरू हाे गया था। छाेटी उम्र थी, लेकिन दाेनाें एक दूसरे काे बेहद प्यार करते थे। काफी सपने देखे थे दाेनाें ने। बड़े हुए ताे दाेनाें के बीच का प्यार परवान चढ़ा। 2014 में दाेनाें की धूमधाम से शादी हुई। लेकिन उस वक्त शायद किसी ने कल्पना भी न की हाेगी कि इस खूबसूरत रिश्ते का अंत इतना दर्दनाक हाेगा।
दरअसल विवाद कुछ खास नहीं था। था ताे बस इगाे प्राॅबलम। रूपेंद्र के बड़े भाई अाकाश ऊर्फ भूपेंद्र सेना में है। इसलिए उनकी शादी रूपेंद्र के बाद तय हुई। अाठ नवंबर काे भूपेंद्र की शादी हाेनी थी। इसी की जाेर-शाेर से तैयारी चल रही थी। वेडनेसडे की रात रूपेंद्र शादी के कार्ड बांटकर घर वापस लाैटा। शादी में बहू के लिए गहने के चढ़ावे काे लेकर श्वेता अाैर रूपेंद्र के बीच बातचीत शुरू हाे गई। किसी बात काे लेकर श्वेता ने कुछ अाॅब्जेक्शन किया ताे दाेनाें के बीच बहस हाेने लगी। बहस में रूपेंद्र ने अापा खाे दिया। उसने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाली अाैर पहले श्वेता काे गाेली मार दी। फिर खुद काे गाेली मार ली।
पुलिस ने दाेनाें के शव काे कब्जे में लेकर पाेस्टमार्टम के लिए भेज दिया है अाैर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियाें का कहना है कि रूपेंद्र चढ़ावे के लिए श्वेता के कुछ गहने भी मांग रहा था। इसी काे लेकर दाेनाें के बीच विवाद शुरू हाे गया अाैर रूपेंद्र ने गाेली चलाकर श्वेता अाैर खुद की जान ले ली।