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ऑपरेशन के दौरान गर्भवती के पेट में स्पंज भूली डॉक्टर, शिकायत करने पर डांट कर भगाया

Sun, 08 Apr 2018 04:46 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 08 Apr 2018 04:46 PM IST
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doctor left a sponge in woman's stomach after operation
डेमाे पिक
कानपुर के रायपुरवा स्थित न्यू सेवा धाम हॉस्पिटल में प्रसव के ऑपरेशन में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते एक महिला की जान पर बन आई। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान स्पंज का टुकड़ा महिला के पेट में ही छोड़ दिया। कुछ दिन बाद महिला की हालत बिगड़ी तो परिजन दूसरे अस्पताल ले गए, तब इसका पता चला।  


 
doctor left a sponge in woman's stomach after operation
डेमाे पिक
गांधी नगर सीसामऊ निवासी एडवोकेट दीपक बाजपेई ने 19 नवंबर 2017 को पेट में दर्द होने पर अपनी गर्भवती पत्नी शालिनी को रायपुरवा इलाके स्थित न्यू सेवा धाम हास्पिटल में भर्ती करवाया था। डॉ. श्वेता यादव की देख-रेख में इलाज चल रहा था। अस्पताल में शालिनी का ऑपरेशन किया गया और कुछ दिन बाद डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा को घर भेज दिया। घर पहुंचने के कुछ दिन बाद शालिनी के पेट में दर्द शुरू हो गया।

 
doctor left a sponge in woman's stomach after operation
डेमाे पिक
डॉ. श्वेता से संपर्क किया तो उन्होंने दर्द की दवाइयां देकर लौटा दिया।  हालत में सुधार न होने पर दीपक अपनी पत्नी को दूसरे अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के दौरान पेट में स्पंज का टुकड़ा होने की बात कही। आरोप है कि दीपक जब यह रिपोर्ट लेकर डॉक्टर की शिकायत करने न्यू सेवा धाम अस्पताल पहुंचे तो वहां मौजूद अस्पताल के डॉक्टर जेएस सचान व डॉ. श्वेता यादव ने उन्हें डांट-डपट कर लौटा दिया।

 
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doctor left a sponge in woman's stomach after operation
डेमाे पिक
इसके बाद उन्होंने रायपुरवा थाने पहुंचकर  डॉ जेएस सचान व डॉ. श्वेता यादव के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करवाई। इस संबंध में रायपुरवा थाने के एसआई विद्या भूषण बाजपेई ने बताया कि एडवोकेट दीपक बाजपेई की तहरीर पर डॉ जेएस सचान व डॉ. श्वेता यादव के खिलाफ 269/506 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

 
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डेमाे पिक
धारा 269- किसी कार्य द्वारा मानव जीवन या किसी व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा या चोट पहुंचाना। इस धारा में दोष साबित होने पर छह महीने का कारावास या पांच सौ रुपये आर्थिक दंड देना पड़ता है। यह जमानती, संज्ञेय अपराध है। धारा 506-आपराधिक धमकी देना। इस एक्ट में दो वर्ष का कारावास या अर्थिक दंड या दोनों हो सकते हैं। 
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