फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज कोतवाली क्षेत्र में किसान की हत्या में उसके ही करीबी का हाथ होने की बात सामने आ रही है। पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। हत्या के दूसरे दिन भी भतीजा घर नहीं पहुंचा। उसका नंबर बंद बता रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
न आलाकत्ल, न साक्ष्य...फिर भी हत्या: सिर पर घाव और आंख पर भी चोट, पुलिस का दावा- करीबी हत्यारा, मिले हैं सुराग
5-6 दिन पहले गांव में दिखा था भतीजा
दूसरे दिन बुधवार को पुलिस की टीम गांव में चक्कर लगाती रही। धर्मेंद्र की हत्या के एक दिन बीत जाने के बाद भी उनका भतीजा पुष्पेंद्र घर नहीं पहुंचा। उसका नंबर मंगलवार सुबह से बंद बता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उसके भतीजे को 5-6 दिन पहले गांव में देखा गया था।
हत्याकांड में किसी करीबी का हाथ
धर्मेंद्र की हत्या में उसके ही किसी करीबी का हाथ होने की बात सामने आ रही है। घटना से जुड़े कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लग चुके हैं। पुलिस मामले के खुलासे के लिए तेजी से जुटी है। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक पुलिस ने गांव में देर रात तक जागने वाले युवकों की सूची बनाई।
पुलिस को मिले हैं अहम सुराग
उनसे भी पूछताछ की जा सकती है। थानाध्यक्ष राजेश राय ने बताया कि मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ कर खुलासा किया जाएगा। धर्मेंद्र की हत्या करने के बाद उसका शव घर के आंगन में पेड़ के नीचे चारपाई पर पड़ा मिला। घटनास्थल पर खून और हत्या में प्रयोग की गई वस्तु नहीं मिली।
सूखती रह गईं बेचने को आई मिर्च
घटना से पहले धर्मेंद्र सोमवार शाम करीब सात बजे खेत से हरी मिर्चा तोड़ कर घर ले गया था। रवीना ने बताया कि पिता ने मिर्चा देते हुए कहा कि इन्हें साफ कर दो, दूसरे दिन सुबह मंडी में बेचने जाऊंगा। इसके बाद वह खाना खाकर घर से निकल गए। मंगलवार सुबह आंगन में उनका शव मिला। घटनास्थल के पास ही मिर्ची सूखती रह गईं।