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हंसते-खेलते बच्चों को अचानक आ रहा बुखार, यहां दो की मौत, जानिए इस बुखार के लक्षण
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 04 Sep 2018 08:53 AM IST
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अखिलेश यादव बुखार व गले में सूजन से पीड़ित हो रहे बच्चे
हंसते-खेलते बच्चों को अचानक बुखार आ गया और गले में सूजन हो गई। इस विचित्र बीमारी से 24 घंटों के अंदर बांदा जिले के दो मासूम भाई-बहनों की मौत हो गई। उनके तीन अन्य भाई-बहन की हालत गंभीर है। उनको कानपुर रेफर किया गया है। इसके अलावा गांव के तकरीबन 12 बच्चे इस बीमारी की गिरफ्त में हैं। दो बच्चों की मौत से गांव में दहशत है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव जाकर इलाज किया। कुछ बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया है।
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जानलेवा बीमारी का यह प्रकोप मंडल मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर हथौरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के छनेहरा लालपुर गांव में है। किसान इम्तियाज की आठ वर्षीय पुत्री आफरीन को शनिवार को अचानक बुखार आ गया। कुछ देर बाद उसके गले में सूजन आ गई। उसे जिला अस्पताल लाकर दिखाया गया। एक प्राइवेट नर्सिंगहोम में भी दिखाया गया। रविवार की शाम करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई। कुछ ही देर बाद आफरीन का छोटा भाई छह वर्षीय शाबान रविवार को शाम घर के पास खेल रहा था। अचानक उसे भी बुखार के साथ गले में सूजन आ गई। रात में ही परिजन जिला अस्पताल लाए। यहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। कानपुर ले जाने से पहले ही उसकी सोमवार सुबह करीब 9 बजे मौत हो गई।
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भाई-बहन की दोहरी मौत के बाद इस जानलेवा बीमारी ने तीन और बच्चों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इम्तियाज का 10 वर्षीय पुत्र रेहान, 9 वर्षीय पुत्री टीना और पांच वर्षीय पुत्री सानिया को भी बुखार और गले में सूजन है। उन्हें भी जिला अस्पताल से कानपुर रेफर किया गया है। इनके अलावा गांव के और भी बच्चे इसी बीमारी के शिकंजे में हैं। रियासत की दो वर्षीय पुत्री अरहमा, शमशाद की ढाई वर्षीय पुत्री शमा और सुलेमान का चार वर्षीय पुत्र रेहान और 21 वर्षीय किस्मतुननिशा को भी बीमारी ने जकड़ लिया है। सभी का इलाज चल रहा है। उधर, दो मौतों की सूचना के बाद सीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने मंडल मुख्यालय और हथौरा पीएचसी से स्वास्थ्य टीमें छनेहरालालपुर गांव रवाना की। सोमवार को दोपहर टीमों ने बीमार बच्चों का चेकअप व इलाज किया। भाई-बहनों की मौत से गांव में शोक है। गांव के अन्य लोग भी अपने बच्चों के प्रति सहमे हैं।
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बांदा छनेहरालालपुर गांव में बीमारी से बच्चों की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई भी उजागर हुई है। गांव के जग्गू भाई आदि ने बताया कि बीमारी का प्रकोप होते ही शनिवार को स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई, पर कोई नहीं पहुंचा। सोमवार को सुबह फोन पर डीएम और विधायक को सूचना दी गई। इसके बाद दोपहर बाद पहुंची टीम ने कुछ ही देर रुककर बच्चों का चेकअप किया और उन्हें दवाएं देकर लौट गई। कई बच्चों को टीम ने 108 एंबुलेंस बुलवाकर जिला अस्पताल भेज दिया।
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बांदा छनेहरा लालपुर में फैली जानलेवा बीमारी के बारे में जिला अस्पताल में बच्चों का इलाज करने वाले चिकित्सक डॉ. विनीत सचान का कहना है कि बच्चों को लैरिनजॉइटिस और डिप्थीरिया नाम की बीमारियां होने के आसार हैं। उनके गले में कोई खाद्य सामग्री नीचे नहीं उतर रही। हालत नाजुक होने पर कुछ बच्चों को कानपुर रेफर किया गया है।