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11 दिन 107 लोेग और सीबीआई की टीम, सपा एमएलसी सहित ये लोग भी निशाने पर
Sat, 02 Feb 2019 03:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 02 Feb 2019 03:01 PM IST
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हमीरपुर में ग्यारह दिन तक जिला मुख्यालय में रहकर मौरंग खनन पट्टों में हुए कथित खेल की जांच पड़ताल कर सीबीआई टीम शुक्रवार तड़के दिल्ली के लिए कूच कर गई। बृहस्पतिवार को रेल टिकट रद्द कराने के बाद अचानक चारों अधिकारियों के दिल्ली रवाना होने से जहां मौरंग कारोबारियों ने राहत की सांस ली है, वहीं कई सवाल भी उठ खड़े हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच टीम ने अहम दस्तावेज हासिल कर कब्जे में लिए हैं।
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गौरतलब हो कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश मौरंग और अवैध खनन की जांच के लिए 21 जनवरी को सीबीआई की चार सदस्यीय टीम मौदहा बांध (निर्माण खंड) के निरीक्षण भवन में दोपहर बाद पहुंची और 22 जनवरी से मौरंग खनन घोटाले में शामिल लोगों से पूछताछ का सिलसिला शुरू किया।
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सपा सरकार में अपर महाधिवक्ता रहे मनोज त्रिवेदी समेत सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के करीबियों समेत 107 पट्टाधारकों और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए। सीबीआई टीम ने सभी के बयानों की वीडियोग्राफी भी कराई। सीबीआई ने पूर्व अपर महाधिवक्ता मनोज त्रिवेदी से एक हफ्ते के भीतर दो बार पूछताछ की। उधर, बृहस्पतिवार को रेल टिकट रद्द कराने के बाद सीबीआई की चार सदस्यीय टीम शुक्रवार सुबह पांच बजे सरकारी वाहन से सड़क मार्ग से दिल्ली के लिए रवाना हो गई।
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टीम के अचानक दिल्ली लौटने से लोगों में चर्चाएं भी हो रही हैं। सीबीआई टीम ने 11 दिनों तक मौरंग कारोबारियों, मुनीमों, पार्टनरों, याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी व खनिज विभाग के रिटायर्ड व मौजूदा अधिकारियों से पूछताछ कर एफआईआर में नामजद लोगों के संबंधित बैंक खाते व लॉकरों की पड़ताल कर दस्तावेज हासिल किए।
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जानकारों की मानें तो सीबीआई को तीन फरवरी तक रुकना था, पर अचानक जाने से लोग अचंभित भी हैं। गौरतलब हो कि वर्ष 2017 में जब सीबीआई की टीम अवैध खनन की जांच करने आई तब टीम मुख्यालय में 14 दिनों तक ठहर कर कारोबारियों व इससे जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर बैंकों व खदानों का निरीक्षण किया था।