यूपी के औरेया जिले में एक महिला की दर्दभरी दास्तां सुनकर हर किसी की आंख नम हो गई। वह पेट में पल रहे एक मासूम की जान की दुहाई देती रही लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। जानें क्या है पूरा मामला...
पुलिस को दी तहरीर में पीड़िता गर्भवती सीमा यादव ने बताया कि उसकी शादी 23 नवंबर 2017 को एरवाकटरा थाना क्षेत्र के ग्राम गुलालपुर निवासी शिवपाल सिंह यादव के से हुई थी। इसमें उसके मायके वालों ने पांच लाख पचास हजार रुपये नगद व चार लाख रुपये का सामान दिया था। पीड़िता ने बताया कि शादी में मिले दान दहेज से उसके ससुरालीजन संतुष्ट नहीं हुए।
कुछ ही दिनों के बाद से उसके ससुरालीजन उस पर अतिरिक्त दहेज के रुप में मायके से कार लाने का दबाव डालने लगे। इस पर जब उसने असमर्थता जताई तो ससुरालीजन उसके साथ मारपीट व प्रताड़ित करने लगा। बताया कि इसी तरह से यह सिलसिला चलता रहा। इसी बीच वह गर्भवती हो गई। बताया कि मायके जाने के बाद जब उसका पति व अन्य ससुरालीजन उसका गौहना कराने आए तो वहां पर भी उक्त लोगों ने कार देने की मांग की।
जिस पर परिवारीजनों ने जल्द ही व्यवस्था करके कार देने का आश्वासन दिया। लेकिन ससुरालीजन जल्दी ही कहीं से भी रुपये का इंतजाम कर मांग पूरी करने का दबाव बनाने लगे।
पीड़िता ने बताया कि 13 मार्च को दोपहर लगभग एक बजे पति विकास यादव, ससुर शिवपाल सिंह, सास प्रभा यादव, देवर अनुराग यादव, चचिया ससुर मुखिया ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। पीड़िता सीमा ने बताया कि इस दौरान वह चिल्लाती रही कि वह गर्भवती है उसे मत मारो लेकिन उसके पति व अन्य लोगों ने उसके पेट में लात घूसों से हमला किया। जिससे उसके पेट में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर उक्त नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।