बुधवार रात जैसे ही घड़ी की सुईयों ने साढ़े नौ बजने का इशारा किया। पूरे शहर में सायरन की आवाज गूंज उठी। इसके साथ ही बाजारों, घरों, होटल, सड़कों सभी जगह की लाइट बंद कर दी गईं। चारों ओर घुप अंधेरा छा गया। इससे पहले तेज फिर धीमे, फिर तेज फिर धीमे करीब तीन मिनट तक शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सायरन बजा। दिन में 13 स्थानों पर मॉक ड्रिल के जरिए लोगों को संभावित हमले के दौरान बचाव के तरीके बताए गए। इस पूरी कवायद के दौरान किसी भी संभावित हमले को देखते हुए सुरक्षा का घेरा मजबूत किया गया।
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Blackout in Kanpur: सायरन बजते ही सड़क से लेकर घरों तक छाया घुप अंधेरा, देखें तस्वीरें
Wed, 07 May 2025 11:49 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 07 May 2025 11:49 PM IST
सार
Kanpur News: जिला व पुलिस प्रशासन की अपील के बाद लोगों ने खुद ब्लैक आउट किया। चालकाें ने सड़क किनारे वाहनों को रोक लाइटें बंद की। घरों में भी रोशनी नहीं दिखी।
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कानपुर में ब्लैक आउट
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में ब्लैक आउट
- फोटो : अमर उजाला
दिन में हुई थी सायरन की टेस्टिंग
लोगों को खतरे का संकेत देने के लिए नगर निगम द्वारा संचालित पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सिविल डिफेन्स द्वारा अनुरक्षित हैंड-हेल्ड सायरन एवं अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर लगे अनुरक्षित सायरन की मदद ली गई। बुधवार दोपहर चार बजे इन सायरन को बजाकर परखा गया ताकि जरुरत के वक्त इन्हें इनकी मदद से लोगों को जागरूक किया जा सके। नगर निगम द्वारा संचालित इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम और पुलिस के 112 कंट्रोल रूम से अधिकारियों ने पूरी व्यवस्था पर नजर रखी।
लोगों को खतरे का संकेत देने के लिए नगर निगम द्वारा संचालित पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सिविल डिफेन्स द्वारा अनुरक्षित हैंड-हेल्ड सायरन एवं अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर लगे अनुरक्षित सायरन की मदद ली गई। बुधवार दोपहर चार बजे इन सायरन को बजाकर परखा गया ताकि जरुरत के वक्त इन्हें इनकी मदद से लोगों को जागरूक किया जा सके। नगर निगम द्वारा संचालित इंटीग्रेटेड कमांड सिस्टम और पुलिस के 112 कंट्रोल रूम से अधिकारियों ने पूरी व्यवस्था पर नजर रखी।
कानपुर में ब्लैक आउट
- फोटो : अमर उजाला
ब्लैकआउट होते ही लोगों ने लगाए भारत माता के नारे
साढ़े नौ बजे से तीन मिनट का सायरन बजते ही ब्लैकआउट के तहत पूरे शहर में सरकार की ओर से की गई ब्लैकआउट की अपील का लोगों ने पूरी तरह से समर्थन किया। लोगों ने भारत माता के नारे भी लगाए। साकेतनगर, पराग दूध डेयरी, सचान चौराहे, विश्वबैंक बर्रा, कर्रही सब्जी मंडी समेत पूरे इलाके में जैसे ही पहला सायरन बजा तो दुकानों, चौराहों के साथ-साथ घरों में भी लाइट बंद कर दी गई। सचान चौराहे और बर्रा बाईपास पर पुलिस ने आने-जाने वाले लोगों को रोका और बाइक, कारों, ऑटो समेत अन्य वाहनों की लाइटों को बंद करने का सहयोग मांगा। जिसपर लोगों ने पुलिस की बात का समर्थन करते हुए पूरा सहयोग किया।
साढ़े नौ बजे से तीन मिनट का सायरन बजते ही ब्लैकआउट के तहत पूरे शहर में सरकार की ओर से की गई ब्लैकआउट की अपील का लोगों ने पूरी तरह से समर्थन किया। लोगों ने भारत माता के नारे भी लगाए। साकेतनगर, पराग दूध डेयरी, सचान चौराहे, विश्वबैंक बर्रा, कर्रही सब्जी मंडी समेत पूरे इलाके में जैसे ही पहला सायरन बजा तो दुकानों, चौराहों के साथ-साथ घरों में भी लाइट बंद कर दी गई। सचान चौराहे और बर्रा बाईपास पर पुलिस ने आने-जाने वाले लोगों को रोका और बाइक, कारों, ऑटो समेत अन्य वाहनों की लाइटों को बंद करने का सहयोग मांगा। जिसपर लोगों ने पुलिस की बात का समर्थन करते हुए पूरा सहयोग किया।
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कानपुर में ब्लैक आउट
- फोटो : अमर उजाला
फैक्टरियों में भी रहा अंधेरा
विजयनगर चौराहा पर रात 9:30 बजते ही पुलिस ने ट्रैफिक रोक दिया और अनाउंसमेंट कर वाहन चालकों को लाइट बंद करने के लिए कहा। विजयनगर से दादा नगर तक सोलर लाइटों को छोड़कर बाकी सब लाइटें बंद रहीं। फैक्टरियों में भी अंधेरा रहा। फजलगंज चौराहे पर भी पुलिस ने दो पहिया व चार पहिया वाहनों को रोककर सबकी लाइट भी बंद करवा दी। झकरकटी बस अड्डे पर पूरी तरह से ब्लैक आउट रहा। बस अड्डे के बाहर व पुल पर सभी लाइट बंद रही। बसों के पहिए थम गए। 10 बजते ही लाइटें जलीं और बसें रवाना हुई।
विजयनगर चौराहा पर रात 9:30 बजते ही पुलिस ने ट्रैफिक रोक दिया और अनाउंसमेंट कर वाहन चालकों को लाइट बंद करने के लिए कहा। विजयनगर से दादा नगर तक सोलर लाइटों को छोड़कर बाकी सब लाइटें बंद रहीं। फैक्टरियों में भी अंधेरा रहा। फजलगंज चौराहे पर भी पुलिस ने दो पहिया व चार पहिया वाहनों को रोककर सबकी लाइट भी बंद करवा दी। झकरकटी बस अड्डे पर पूरी तरह से ब्लैक आउट रहा। बस अड्डे के बाहर व पुल पर सभी लाइट बंद रही। बसों के पहिए थम गए। 10 बजते ही लाइटें जलीं और बसें रवाना हुई।
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कानपुर में ब्लैक आउट
- फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम क्षेत्रों में रहा ब्लैकआउट
मुस्लिम क्षेत्रों में ब्लैक आउट का पूरी तरह से पालन किया गया। समाजसेवी मुस्तफा तारिक ने बताया कि बेकनगंज, चमनगंज, कर्नलगंज, हलीम कॉलेज सभी जगह ब्लैकआउट रहा। कहीं भी लाइट जलती नजर नहीं आई। लोगों ने दुकानें जल्दी बंद कर दीं। शाम के समय सब्जी, आटा, दालों की दुकानों पर भीड़ रही, लोगों में डर नजर आ रहा था। जिला प्रशासन की ओर से सभी को भरोसा दिलाया गया कि ये सिर्फ एक मॉकड्रिल है, घबराने वाली कोई बात नहीं हैं।
मुस्लिम क्षेत्रों में ब्लैक आउट का पूरी तरह से पालन किया गया। समाजसेवी मुस्तफा तारिक ने बताया कि बेकनगंज, चमनगंज, कर्नलगंज, हलीम कॉलेज सभी जगह ब्लैकआउट रहा। कहीं भी लाइट जलती नजर नहीं आई। लोगों ने दुकानें जल्दी बंद कर दीं। शाम के समय सब्जी, आटा, दालों की दुकानों पर भीड़ रही, लोगों में डर नजर आ रहा था। जिला प्रशासन की ओर से सभी को भरोसा दिलाया गया कि ये सिर्फ एक मॉकड्रिल है, घबराने वाली कोई बात नहीं हैं।