कानपुर के मूलगंज में परिवार के साथ पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान हवाला का काम करता था। इसका खुलासा उसने पुलिस के सामने कलमबंद बयान के दौरान किया। बयानों में डॉ. रिजवान ने बताया कि हवाला कारोबार में उसका साथ ससुर खालिद देते थे।
हवाला के पैसे इधर-उधर करने के लिए वह पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, इंडोनेशिया की यात्रा करता था। मूलगंज पुलिस ने रविवार को आर्यनगर से डॉ. रिजवान को परिवार संग पकड़ा था। उसके बांग्लादेशी होने के बावजूद सपा विधायक इरफान सोलंकी और पार्षद मन्नू रहमान ने लेटरहेड पर उसे भारत का मूल निवासी बताया था।
इन्हीं लेटरहेड के जरिये डॉ. रिजवान और उसके परिवार का आधार, पासपोर्ट और अन्य भारतीय दस्तावेज बने थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके आर्यनगर स्थित फ्लैट से 14 लाख, 56 हजार 400 रुपये, 101 अमेरिकन डालर जिसमें में (100 डालर के 10 नोट व एक डालर) और करीब 35 लाख रुपये कीमत के जेवरात बरामद किए थे।
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bangladeshi citizen case
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, डॉ. रिजवान से पूछताछ के दौरान पुलिस ने जब बरामद रुपये और जेवर के बारे में आय का जरिया पूछा, तो उसने बताया कि वह हवाला का कारोबार करता है। इसके चलते वह कई देशों पाकिस्तान, थाईलैंड, नेपाल, इंडोनेशिया, मलेशिया, बांग्लादेश की यात्रा करता है।
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हवाला के इस कारोबार में ससुर खालिद मजीद भी साझेदार है। खालिद हवाला के रुपयों का आदान-प्रदान करता है। उसके पास से जो रुपये और जेवरात बरामद हुए हैं। वह हवाला के जरिये ही आए हैं। पिछले माह 15 नवंबर को भी हवाला के काम से हैदराबाद से हवाई यात्रा करते हुए बांग्लादेश गया था।
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पुलिस ने उसके बयानों को वीडियो रिकार्डिंग कर सुरक्षित रखा है, जिसे वह साक्ष्य के तौर पर कोर्ट में पेश करेगी। वहीं खालिद मजीद ने अपने बयानों में बताया कि उसका दामाद डॉ. रिजवान, बेटी हिना व उसके बच्चे रुखसार (21) दो नाबालिग बेटे बांग्लादेश के निवासी हैं।
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उनका फर्जी आधार कार्ड पार्षद मन्नू रहमान व विधायक इरफान सोलंकी के पत्र की बदौलत बनवाया था। मैं मेरा दामाद रिजवान मोहम्मद हवाला का कारोबार करते है। इसीलिए उसने भारत का फर्जी आधार कार्ड बनवाया और विधि विरूद्ध तरीके से शहर में रह रहे थे।