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नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हुआ बांदा का लाल, गांव पहुंचा पार्थिव शरीर, आज होगा अंतिम संस्कार

Wed, 12 Feb 2020 12:15 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Wed, 12 Feb 2020 12:15 AM IST
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Banda: soldier martyr in an encounter with Naxalites in Chhattisgarh
शहीद विकास कुमार की फाइल फोटो, पत्नी एवं घर के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
दो दिन पहले छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सर्च आपरेशन के दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद हुए बांदा के सीआरपीएफ जवान विकास कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार को पैतृक गांव लामा देर शाम लाया गया। गांव के लाल को गंवा देने का गम हर बाशिंदे पर साफ नजर आया। अंतिम संस्कार आज सुबह 10 बजे होगा। डी एम हीरा लाल, एसपी एस एस मीणा भी पहुँचे शहीद के घर।



 
Banda: soldier martyr in an encounter with Naxalites in Chhattisgarh
शहीद के घर के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
उच्च शिक्षा के बाद भी मात्र आठ बीघा जमीन में खेती करते थे। 2006 में उनकी मृत्यु हो गई। उस समय उनके तीन पुत्रों में सबसे बड़ा बेटा विकास कुमार पढ़ाई कर रहा था। अपनी मेधा और मेहनत की बदौलत वह साल 2008 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ। उसे असम में बटालियन -204 में तैनाती मिली। उसके बाद वह जम्मू, पंजाब में भी तैनात रहे। दोे वर्ष से छत्तीसगढ़ में पोस्टिंग थी।

 
Banda: soldier martyr in an encounter with Naxalites in Chhattisgarh
सुनील के शहीद होने के बाद बदहवास मां और पत्नी - फोटो : अमर उजाला
तब से वहीं थे। विकास की शादी 2019 में 23 फरवरी को हुई बबेरू क्षेत्र के हस्तम गांव निवासी राजा भइया की बेटी नंदनी वर्मा से हुई थी। अभी शादी को पूरा साल भी नहीं बीता था और नंदनी का सिंदूर उजड़ गया। कोई संतान भी नहीं है। शहीद जवान विकास कुमार अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उससे बड़ी बहन सुधा है।

 
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Banda: soldier martyr in an encounter with Naxalites in Chhattisgarh
मां का रो रोकर बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला
दूसरे नंबर का भाई आकाश है और तीसरे नंबर का सबसे छोटा भाई विनय प्रकाश है। वह रोडवेज में परिचालक है। पिता की मृत्यु के बाद घर में बड़ा होने के नाते घर की जिम्मेदारी विकास पर ही आ गई थी। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही मां कैलशिया और पत्नी नंदनी बेहोश हो गई। पत्नी नंदनी छह माह के गर्भ से है। उधर, शहादत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग सांत्वना जताने आए।

 
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Banda: soldier martyr in an encounter with Naxalites in Chhattisgarh
एक साल पहले हुई थी शादी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की टुकड़ी भी मौजूद रहीं। पार्थिव शरीर को लेकर आ रहे सैनिक वाहन को घर तक पहुंचने के लिए गांव का रास्ता दुरुस्त कराया गया। पार्थिव शरीर रायपुर (छत्तीसगढ़) से हवाई जहाज द्वारा दोपहर बाद लखनऊ लाया गया। यहां से सैनिक वाहन पर पार्थिव शरीर को पैतृक गांव लामा के लिए रवाना किया गया। शहीद के भाई और दादा आदि ने बताया कि अंतिम संस्कार यहां गांव में ही बुधवार को किया जाएगा।
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