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INDIAN ARMY की ताकत देख ‘जोश-जज्बे’ से भर गए ये बच्चे
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 13 Aug 2017 11:31 AM IST
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कानपुर कैंट में सेना की प्रदर्शनी
- फोटो : अर्पण मैथला, अमर उजाला कानपुर
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टैंक, तोप जैसे बड़े हथियारों की खासियतें जानने का बच्चों में अजीब सा जुनून था। जैसे ही बोफोर्स पर ये बच्चे सवार हुए इनका जोश किसी जांबाज सैनिक से कम नहीं नजर आ रहा था। मौका था कानपुर कैंट में आयोजित सेना प्रदर्शनी का।
कानपुर कैंट में सेना की प्रदर्शनी
कैंट में शुक्रवार को कैवेलरी मैदान में लगी सेना की प्रदर्शनी ने बच्चों में जोश भर दिया। प्रदर्शनी में तैनात जवानों ने जवाब दे उनकी उत्सुकता शांत की। बच्चों ने चीन से चल रहे तनाव के बारे में पूछा तो जवानों ने कहा कि जब तक सेना का एक भी जवान सरहद पर है चीन हमारा कुछ नहीं कर सकता है।
कानपुर कैंट में सेना की प्रदर्शनी
किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। दो दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ बिग्रेडियर विनय मोहन शर्मा ने किया। पहले दिन शहर और उन्नाव जिले के स्कूली बच्चे आए। इस मौके पर सेना के बैंड ने राष्ट्रगान और देशभक्ति की धुनें बजाकर बच्चों में जोश भरा। इसके बाद बच्चों ने प्रदर्शनी में रखे हथियारों की खूबियां जानीं। इस दौरान बच्चों ने जवानों के साथ सेल्फी भी ली।
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कानपुर कैंट में सेना की प्रदर्शनी
प्रदर्शनी में सेना के दो टैंक शामिल
1. सीएमटी -कैरियर मोटर ट्रैक्ड (सीएमटी) में 7.62 एमएम(मिलीमीटर) की मशीन गन भी लगी है। टैंक की मारक क्षमता साढ़े पांच किलोमीटर है। इससे छह से आठ राउंड प्रति मिनट गोला दागा जा सकता है। 40 से 85 डिग्री तक टैंक की नाल घूम सकती है। टैंक में छह जवान बैठ सकते हैं। सीएमटी 48 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। इस टैंक में छोटे हथियार का असर नहीं होता है। इस कारण युद्ध में इसे आगे ही रखा जाता है। टैंक की तकनीक रूस से ली गई है।
1. सीएमटी -कैरियर मोटर ट्रैक्ड (सीएमटी) में 7.62 एमएम(मिलीमीटर) की मशीन गन भी लगी है। टैंक की मारक क्षमता साढ़े पांच किलोमीटर है। इससे छह से आठ राउंड प्रति मिनट गोला दागा जा सकता है। 40 से 85 डिग्री तक टैंक की नाल घूम सकती है। टैंक में छह जवान बैठ सकते हैं। सीएमटी 48 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। इस टैंक में छोटे हथियार का असर नहीं होता है। इस कारण युद्ध में इसे आगे ही रखा जाता है। टैंक की तकनीक रूस से ली गई है।
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कानपुर कैंट में सेना की प्रदर्शनी
2. बीएमपी 11/11 के एंटी टैंक- भारतीय सेना के बेडे़ में शामिल बीएमपी 11/11 एंटी टैंक भी खूबियों से भरा है। इस टैंक की मारक क्षमता चार किलोमीटर है। इसमें एक साथ दस जवान बैठ सकते हैं। बीएमपी टैंक कंकोर मिसाइल (एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल) से लैस है। टैंक से गोला और मिसाइल एक साथ दागी जा सकती है। टैंक का बाहरी कवच बेहद मजबूत है। इसमें छोटे हथियार (स्माल वेपन) का असर नहीं होता है। यह टैंक पानी और बर्फ में चल सकता है। नाइट विजन कैमरों से लैस इस टैंक का ज्यादा उपयोग रात में किया जाता है। टैंक की टेक्नोलॉजी 1979 में रूस से ली गई थी। अब यह भारत में ही बनते हैं।