पर्याप्त बजट न होने से बांगरमऊ जैसी घटनाएं होती हैं- केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री
बांगरमऊ के प्रेमगंज में कुछ लोगों ने 13 जुलाई 2017 को जिला अस्पताल के आईसीटी सेंटर में एचआईवी की जांच कराई थी। इस दौरान पांच लोग एचआईवी पीड़ित मिले थे। काउंसलिंग में लोगों ने इलाके में झोलाछाप के सक्रिय होने और एक ही सिरिंज का इस्तेमाल करने की शिकायत की थी। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना रहा और
झोलाछाप पर कोई कार्रवाई नहीं की।
नवंबर 2017 में 13 और जनवरी 2018 में एचआईवी के 38 नए मरीज पाए गए। इससे मामला तूल पकड़ गया। जांच पड़ताल में तत्कालीन सीएमएस द्वारा सात माह पहले तत्कालीन सीएमओ को रिपोर्ट देने की बात सामने आई। संबंधित झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने के मामले में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ ने सीएमओ से रिपोर्ट तलब की। सीएमओ डा. एसपी चौधरी ने बताया कि जुलाई 2017 में आई शिकायत के बाद से अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। रिपोर्ट में सात माह पहले मिली शिकायत और डिप्टी सीएमओ की जांच का भी जिक्र किया गया है।
बजट कम होने से स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल- अनुप्रिया