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दर्दनाक हादसा: चालक के पलक झपकते ही बुझ गईं पांच जिंदगियां... ढोलक की थाप और कीर्तन की आवाज थमी; मची चीख-पुकार
Sat, 15 Jun 2024 10:02 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 15 Jun 2024 10:02 AM IST
सार
झांसी से सटे मध्यप्रदेश के दतिया में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 घायल हैं, मरने वालों में दो सगी बहनें और उनकी मां भी शामिल है।
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Road Accident In Jhansi
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दतिया के दुरसड़ा थाना इलाके में शुक्रवार की सुबह ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 घायल हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। मरने वालों में दो सगी बहनें व उनकी मां भी शामिल है। रतनगढ़ वाली माता मंदिर में जवारे चढ़ाने के लिए जाते समय सभी हादसे का शिकार हुए। घटना के बाद से मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। मृतकों के गांव दुसावर में मातम पसरा हुआ है।
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ग्राम दुसावर के देव प्रसाद दांगी ने जवारे बोये थे, जिन्हें चढ़ाने के लिए वह गांव के तकरीबन डेढ़ सौ लोगों के साथ रतनगढ़ वाली माता मंदिर जा रहे थे। सभी लोग छह ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवार होकर गांव से शुक्रवार की सुबह पौने चार बजे रवाना हुए थे। गांव से वह तकरीबन बीस किलोमीटर ही आगे बढ़े थे कि करीब साढ़े चार बजे मैथाना पाली के पास सबसे पीछे चल रहा ट्रैक्टर असंतुलित होकर 15 फीट ऊंची पुलिया से नीचे जा गिरा।
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ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार 31 लोग उसके नीचे दब गए। इससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। आगे चल रहे ट्रैक्टरों में सवार लोग उतरकर मौके की ओर दौड़े। उन्होंने मशक्कत के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। सूचना पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को एंबुलेंस के जरिये आनन-फानन दतिया के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां नवल किशोर उर्फ भूरे केवट की पत्नी सीमा (36) और बेटी कामिनी (19) व क्रांति (17) के अलावा चंदन की बेटी सोनम (11) व रमेश की बेटी रोशनी (17) को मृत घोषित कर दिया गया।
जबकि, सभी 20 घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दतिया के प्रभारी कलेक्टर कमलेश भार्गव व पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र मिश्रा ने दुर्घटना स्थल का जायजा लिया। इसके अलावा अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। घटना के बाद से मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है। ग्राम दुसावर में मातम पसरा हुआ है। कई घरों में तो चूल्हे भी नहीं जले।
सुबह जल्दी निकलने की तैयारी में रात भर दुसवार गांव में जागते रहे थे लोग
दरअसल, श्रद्धालुओं को अल सुबह रतनगढ़ के लिए रवाना होना था, जिससे दुसवार गांव के ज्यादातर लोग पूरी रात नहीं सोये थे। इनमें ट्रैक्टर चालक भी शामिल था। रात भर न सोने की वजह से अचानक उसे झपकी आ गई और ट्रैक्टर असंतुलित होकर 15 फीट ऊंची पुलिया से नीचे गिर गया, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। घायलों में बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक शामिल हैं।
दरअसल, श्रद्धालुओं को अल सुबह रतनगढ़ के लिए रवाना होना था, जिससे दुसवार गांव के ज्यादातर लोग पूरी रात नहीं सोये थे। इनमें ट्रैक्टर चालक भी शामिल था। रात भर न सोने की वजह से अचानक उसे झपकी आ गई और ट्रैक्टर असंतुलित होकर 15 फीट ऊंची पुलिया से नीचे गिर गया, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए। घायलों में बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक शामिल हैं।
दुसवार गांव के देवप्रसाद दांगी ने अपने घर में जवारे बोये थे, जिन्हें शुक्रवार को रतनगढ़ वाली माता के मंदिर में चढ़ाना था। लगभग सात सौ की आबादी वाले गांव के लगभग दो सौ लोग भी उनके साथ रतनगढ़ जाने वाले थे। धूप खिलने से पहले उन्होंने रतनगढ़ पहुंचने की योजना बनाई थी, जबकि शाम को उन्हें वापस लौटना था। गांव में रहने वाले ज्यादातर परिवारों का एक न एक सदस्य रतनगढ़ जाने वाला था। इससे बृहस्पतिवार की रात कमोबेश पूरा गांव रात भर जागता रहा।
ट्रैक्टर चालक मुलायम सिंह दांगी भी रात भर जागा था। सुबह पौने चार बजे वह ट्रैक्टर लेकर गांव से निकला था। इसके पौने घंटे बाद ही उसे मैथाना पाली के पास झपकी आ गई, जिससे ट्रैक्टर असंतुलित होकर पुलिया से नीचे जा गिरा। मौके पर पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 घायल हो गए।
घायलों में लक्ष्मण की पत्नी तेजा (35), बृजभान की पत्नी पानकुंवर (40), लालाराम अहिरवार की पत्नी पंकू (70), जगत सिंह का पुत्र कल्लू दांगी (22), रामचरण पाल की पत्नी पुष्पा (60), हरिराम प्रजापति की पत्नी सुशीला (40), महेश बढ़ई की पत्नी ऊषा (40), नाथूराम दांगी का बेटा पुष्पेंद्र (30), वंशी केवट की पत्नी रमकु (50), भगवत प्रजापति का बेटा कृष्णकांत (13), रामप्रकाश पाल की बेटी दीक्षा (17), सियाशरण की पत्नी धनवती (50), लखन की पत्नी धनवंती केवट (40), रामस्वरूप अहिरवार की पत्नी रामकली (50), प्रागीलाल की पत्नी वीरवति पाल (50), चेतराम पाल (80), चंदन की पत्नी रानी अहिरवार (32), पूरन पाल की पत्नी विनीता (30) व रामकृपाल की बेटी सोनिया (16) शामिल हैं।
घायल विनीता और ट्रैक्टर चालक मुलायम सिंह दांगी को गंभीरावस्था में ग्वालियर रेफर किया गया है। भांडेर के एसडीओपी कार्णिक श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि ट्रैक्टर चालक को झपकी आने से हादसा हुआ है। हालांकि, मामले की जांच की जा रही है।
कीर्तन की आवाज थमी, मचने लगी चीख-पुकार
रतनगढ़ वाली माता के मंदिर जा रहे सभी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बैठकर भजन-कीर्तन कर रहे थे। ट्रॉली में बैठीं महिलाएं ढोलक बजाते हुए माता के भजन गा रहीं थीं। इसी दरम्यान हादसा हो गया, जिससे भजन-कीर्तन की जगह चीख-पुकार सुनाई देने लगी। घटना की जानकारी होते ही बड़ी संख्या में आसपास के गांव के लोग मौके पर जमा हो गए और बचाव कार्य में जुट गए।
रतनगढ़ वाली माता के मंदिर जा रहे सभी लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बैठकर भजन-कीर्तन कर रहे थे। ट्रॉली में बैठीं महिलाएं ढोलक बजाते हुए माता के भजन गा रहीं थीं। इसी दरम्यान हादसा हो गया, जिससे भजन-कीर्तन की जगह चीख-पुकार सुनाई देने लगी। घटना की जानकारी होते ही बड़ी संख्या में आसपास के गांव के लोग मौके पर जमा हो गए और बचाव कार्य में जुट गए।
छुट्टी में मामा के घर आई थी रोशनी
हादसे में जान गंवाने वाली रमेश की बेटी रोशनी (17) दतिया में रहती थी। दुसवार गांव में उसकी ननिहाल है। एक सप्ताह पहले ही वह गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा के घर आई थी। मामी सीमा और उनकी बेटियां क्रांति व कामिनी के साथ वह भी रतनगढ़ वाली माता मंदिर जाने को लेकर बेहद खुश थी, लेकिन रास्ते में ही हादसा हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वाली रमेश की बेटी रोशनी (17) दतिया में रहती थी। दुसवार गांव में उसकी ननिहाल है। एक सप्ताह पहले ही वह गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा के घर आई थी। मामी सीमा और उनकी बेटियां क्रांति व कामिनी के साथ वह भी रतनगढ़ वाली माता मंदिर जाने को लेकर बेहद खुश थी, लेकिन रास्ते में ही हादसा हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मप्र के मुख्यमंत्री ने जताया दुख
दतिया में हुई घटना पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रशासन को घायलों के इलाज पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि यह हादसा बेहद दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे।
दतिया में हुई घटना पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने प्रशासन को घायलों के इलाज पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि यह हादसा बेहद दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे।