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देवरिया बालिका गृह कांड: एसआईटी जांच में चौंकाने वाला खुलासा, जल्दबाजी और अति उत्साह ने किया कलंकित

Sat, 03 Nov 2018 03:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवरिया Updated Sat, 03 Nov 2018 03:00 AM IST
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deoria shelter home case SIT claims Girls not sexually abused
Deoria Shelter Home
बालिका गृह कांड में पुलिस की जल्दबाजी और अतिउत्साह ने सिर्फ शासन-प्रशासन की ही फजीहत नहीं कराई, बल्कि देवभूमि देवरिया की साख को भी धूमिल कर दिया है। तथ्यों की सही पड़ताल किए बिना पुलिस ने एक बालिका के बयान के आधार पर बालिकाओं के यौन शोषण और देह व्यापार की जो पटकथा तैयार की थी, वह उसी की जांच में फुस्स साबित हो गई है। 

 
deoria shelter home case SIT claims Girls not sexually abused
जांच के लिए जाती क्राइम ब्रांच की टीम - फोटो : अमर उजाला
नब्बे दिनों तक चली विवेचना के दौरान एसआईटी को ऐसा कोई तथ्य हाथ नहीं लगा है, जिससे वह यह साबित कर सके कि बालिका गृह में लड़कियों का यौन शोषण और देह व्यापार होता है।  पांच अगस्त की रात 11 बजे आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए तत्कालीन एसपी रोहन पी कनय ने दावा किया था कि बालिका गृह में देह व्यापार के साक्ष्य मिले हैं। 
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जांच के लिए जाती टीम - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बालिका गृह से कुछ घंटे पहले फरार हुई 13 वर्षीय किशोरी के बयान को इसका आधार बताया। किशोरी ने काली-लाल गाड़ियों में लड़कियों को बाहर ले जाने की बात कही थी। मुजफ्फरपुर कांड से जोड़ते हुए विपक्ष ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। संसद में मामला गूंजा तो केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सफाई दी। 
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जांच के लिए जाती क्राइम ब्रांच की टीम - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता दिखाते हुए तत्काल एसआईटी गठित कर जांच सौंप दी थी। एडीजी क्राइम संजय सिंघल के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर तीन दिनों तक पूछताछ की। 
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जांच के लिए जाती टीम - फोटो : अमर उजाला
बालिका गृह का निरीक्षण किया, बरामद दस्तावेजों का अवलोकन और किशोरियों से भी पूछताछ की। शुरुआती जांच में लगा था कि आरोप पुष्ट होंगे, लेकिन 90 दिनों तक चली विवेचना के बाद पूरी कहानी ही उलट गई है। यौन शोषण और देह व्यापार की पुष्टि न होने के बाद खुद पुलिस ही कठघरे में आ गई है। 
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