मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के संत और ऋषियों ने आध्यात्मिक क्षेत्र में पूरी दुनिया का नेतृत्व किया। योग को यूएनओ की मान्यता भी संत व ऋषि परंपरा का ही प्रसाद है। गुरु गोरखनाथ का राजवंश से लेकर झोपड़ी में रहने वालों पर समान प्रभाव था। गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ देश की आध्यात्मिक परंपरा को नया आयाम देगी। यहां शोधार्थी देश और दुनिया में नाथपंथ से जुड़े साहित्य और आध्यात्म पर शोध कर सकेंगे और ज्यादा से ज्यादा जानकारियां सामने आएंगी।
सीएम योगी ने गोरक्षनाथ शोधपीठ भवन की रखी आधारशिला, बोले- आध्यात्मिक परंपरा को देगा नया आयाम
नाथपंथ का विश्व शब्दकोष बनेगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नाथपंथ का विभिन्न भाषाओं में साहित्य है। इस शोधपीठ के माध्यम से नाथपंथ का एक विश्व शब्दकोष बनेगा। देश ही नहीं नेपाल, अफगानिस्तान, तिब्बत, बांग्लादेश, पाकिस्तान में नापथपंथ से जुड़े बहुत से स्थान हैं। यहां लोगों में नाथपंथ के प्रति आस्था है। इन पर शोध का एक मंच प्राप्त होगा।
2020 तक सभी विश्वविद्यालय व कॉलेजों की नैक ग्रेडिंग
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष प्रो. धीरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों में आध्यात्मिक विकास जरूरी है। इससे उनमें नई दृष्टि, ऊर्जा और सकारात्मक सोच पैदा होती है। शिक्षक ऐसा माहौल बनाएं कि विद्यार्थियों में नए विचार पनपें। मस्तिष्क के साथ ही हाथ व ह्दय का ख्याल रखें। विश्वविद्यालयों को ऐसा प्रयास करना चाहिए। प्रो. सिंह ने कहा कि नैक की ग्रेडिंग लेने में हम पीछे हैं। यूपी में 74 में से 32 विश्वविद्यालय और 6090 में 566 कॉलेजों ने नैक परीक्षण कराया है, जबकि नए प्रोजेक्ट, बजट आदि के लिए नैक की ग्रेडिंग अनिवार्य है। यूजीसी ने वर्ष 2020 तक देश के सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों का नैक परीक्षण कराने का लक्ष्य रखा है। सोशल कनेक्ट बढ़ाने के लिए सभी कॉलेजों को पांच गांव गोद लेने होंगे ताकि शिक्षक और विधार्थी गांव के बारे में ज्यादा जान सकें और उन्हें समाज के मूलधारा से जोड़ने में मददगार बनें।
राकेश ने किया गोरखवाणी का पाठ
गोरखपुर। समारोह में लोकगायक राकेश श्रीवास्तव गोरखवाणी के 30वें पद का पाठ किया। निर्गुण भक्ति में ‘शिव अवतारी गोरख तेरी महिमा अपरमपार...’ सुनाकर गुरू गोरक्षनाथ की महिमा बताई।
यूपी में इसी महीने एक लाख करोड़ का निवेश : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस महीने यूपी में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसका खाका तैयार है। प्रदेश में 1045 उद्यमियों ने निवेश के लिए समझौता किया है। अब उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारा बनाया जा रहा है। इसमें 1500 करोड़ रुपये का निवेश होगा। किसानों का हित प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखकर भूमि की व्यवस्था की जा रही है। देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे का लिंक गोरखपुर से होगा। गीडा की तरह ही नया औद्योगिक क्षेत्र बनाया जाएगा। यही नहीं, उद्योग लगाने वालों को सरकार ऋण भी उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय में गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ के भवन का भी शिलान्यास किया। साथ ही कहा कि गुरु गोरक्षनाथ का प्रभाव झोपड़ी से लेकर राजवंश तक था। शोधपीठ की स्थापना से देश की आध्यात्मिक परंपरा को नया आयाम मिलेगा। देर शाम मुख्यमंत्री ने गैलेंट इस्पात के विस्तारीकरण और निवेश समारोह में हिस्सा लिया और कहा कि यूपी में अब कानून का राज है। निवेश का बेहतर माहौल बन चुका है। इसका फायदा देश, विदेश के उद्यमी उठा रहे हैं। सपा, बसपा के शासनकाल में ऐसा नहीं था। कानून व्यवस्था ध्वस्त थी। उद्यमी निवेश करने से कतराते थे। शहर के उद्यमी चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने अगले चार साल में निवेश बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। यह गोरखपुर के विकास में बड़ा योगदान है।
विकास की ऊंचाइयों को छूएगा गीडा
गीडा के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गीडा औद्योगिक विकास की नई ऊंचाइयों को छूएगा। पूर्वांचल की आबादी आठ करोड़ है। गोरखपुर हवाई और फोरलेन से जुड़ चुका है। उद्योग स्थापित होने से रोजगार की संभावना बढ़ेगी। पूर्वांचल के युवाओं को राज्य में ही नौकरी मिलेगी। उन्हें पलायन नहीं करना पड़ेगा। धुरियापार में 1200 करोड़ की लागत से एथेनाल प्लांट बनाया जा रहा है। इसका शिलान्यास दिसंबर में होगा।
नेपाल, बिहार का सेंटर है गोरखपुर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर को नेपाल और बिहार का सेंटर कहा जा सकता है। नारे से विकास नहीं होता है। हर हाथ को काम की जरूरत होती है। गीडा का प्रयास सकारात्मक है। उद्यमियों की छोटी-छोटी समस्याएं भी हल की जा रही हैं। उद्यमियों को भी गीडा के आसपास की सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए। जब आसपास के लोगों को काम और सुविधा मिलेगी तो उनका सहयोग अच्छा रहेगा। सहजनवां क्षेत्र में पहले गोलियां चलती थीं, अब 500 से ज्यादा उद्योग हैं।