उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के खानपुर थाना के बभनौली गांव निवासी अजय सिंह यादव और ईचवल निवासी सोनाली सिंह बचपन से ही एक दूसरे को पसंद करते थे। हाईस्कूल की पढ़ाई के दौरान दोनों का प्रेम संबंध इस कदर बढ़ा कि साथ-साथ रहने की और एक-दूजे के लिए जीने-मरने की कसमें खाया करते थे।
गाजीपुर आनर किलिंग: लड़की के घर मिले इस सबूत से हुआ शक, बचपन का प्यार चढ़ रहा था परवान
बाद में अजय की कनपटी में गोली मारकर रामपुर गांव के पास फेंक आए। इधर, हत्यारे पिता ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर घर के पास गेहूं के खेत में पुत्री के शव को दफना दिया। जब पुलिस मृतक के स्मार्ट फोन पर मिले काल डिटेल और सर्विलांस के सहारे मृतका सोनाली के घर पहुंची तो वहां से मृतक पुलिस कर्मी अजय की चप्पल बरामद हुई।
इसके बाद तो शक और गहरा गया। पूछताछ के बाद हत्यारोपी पिता की निशानदेही पर पुत्री के शव को पुलिस ने बरामद कर पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुट गई। इधर, ग्रामीण भी इस घटना के बाद से जहां सकते में हैं, वहीं दोनों गांवों में चारों तरफ मातम फैला हुआ है।
पुलिस के अनुसार, सोमवार को भोर में साढ़े तीन बजे युवती के मोबाइल नंबर से अजय यादव को फोन करके पुलिस कर्मी को बुलाया गया था। फोन खुद लड़की ने किया था। पुलिसकर्मी अजय यादव युवती के घर पहुंचा। इसके बाद हत्यारे पिता राजेश सिंह ने घर वालों की मदद से पहले अपनी पुत्री को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया।
फिर अजय यादव की कनपटी पर एक गोली दाग दी। गोली आरपार हो गई। घायल अजय को अंधेरे में ही लगभग दो किलोमीटर दूर ले जाकर रामपुर गांव के सामने फेंक आए।