गत वर्ष सेना में भर्ती होने के बाद पहली बार छुट्टी पर गाजीपुर अपने घर आने के एक दिन पहले ही सेना के जवान अभिषेक यादव की असम में सड़क हादसे में मृत्यु की खबर आ गई। शुक्रवार को जवान का पार्थिव शरीर ट्रेन से वाराणसी पहुंचा। यहां से प्राइवेट एंबुलेंस में पार्थिव शरीर रखकर गाजीपुर स्थित गांव के लिए रवाना हुआ। प्राइवेट एंबुलेंस वाली बात परिजनों और ग्रामीणों को पता चला तो वो आक्रोशित हो उठे। मृत जवान को शहीद का दर्जा देने और आर्मी के वाहन से पार्थिव शरीर घर पहुंचाने की मांग को लेकर पहले तो वाराणसी-गाजीपुर मार्ग को जाम कर दिया।
फिर रोडवेज की बसों सहित कई वाहनों में तोड़फोड़ की। घटना के बाद बस में सफर कर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ईंट, पत्थरबाजी में कई यात्रियों को भी चोटें आई हैं। आक्रोशित भीड़ को देखते हुए गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर बसों का संचालन रोक दिया गया। गाजीपुर एसपी सिटी और एसडीएम के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने हल्का बल प्रयोग कर ग्रामीणों को खदेड़ दिया। करीब 11 बजे जाम समाप्त होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इधर, पुलिस टीम तोड़फोड़ मचाने वाले ग्रामीणों को चिन्हित करने के साथ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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रोडवेज की बसों सहित कई वाहनों में ग्रामीणों ने की तोड़फोड़
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि गाजीपुर जिले के बहरियाबाद थाना क्षेत्र के वृंदावन गांव निवासी जवान अभिषेक यादव की असम के मीसामारी में तैनाती थी। बीते 29 मई को पहाड़ी पर लगे सैनिक कैंप से नीचे उतरते समय अनियंत्रित होकर जीप खाई में गिरने से घायल हो गए थे। असम के तेजपुर स्थित सैनिक अस्पताल में बीते दो जून को इलाज के दौरान अभिषेक की मौत हो गई थी। अभिषेक नौकरी पाने के बाद पहली छुट्टी पर तीन जून को घर आने वाला था लेकिन उससे पहले उसकी मौत की खबर आ गई।
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रोडवेज की बसों सहित कई वाहनों में ग्रामीणों ने की तोड़फोड़
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जवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार को राजधानी एक्सप्रेस से वाराणसी आया। वहां से प्राइवेट एंबुलेंस द्वारा परिवार के लोग पार्थिव शरीर लेकर घर आने लगे। इधर जानकारी होते ही ग्रामीणों ने सुबह साढ़े सात बजे सिधौना बाजार में गाजीपुर - वाराणसी मार्ग जाम कर शहीद का दर्जा देने, सेना के वाहन से पार्थिव शरीर घर भेजने और सम्मान से अंतिम संस्कार कराने की मांग शुरू कर दी।
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रोडवेज की बसों सहित कई वाहनों में ग्रामीणों ने की तोड़फोड़
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कुछ देर बाद पहुंचे सैदपुर तहसीलदार दिनेश कुमार और पुलिस टीम मूकदर्शक बनकर एक तरफ खड़ी रही। इधर, सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। कुछ देर बाद उपद्रवियों ने रोडवेज सहित आधा दर्जन बसों में तोड़फोड़ शुरू कर दिया। एक स्कार्पियो के शीशे को क्षतिग्रस्त कर दिया। मामला बढ़ते देख गाजीपुर के एसपी सीटी गोपीनाथ सोनी और एसडीएम विक्रम सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस फोर्स ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ना शुरू कर दिया।
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रोडवेज की बसों सहित कई वाहनों में ग्रामीणों ने की तोड़फोड़
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सुबह करीब 11 बजे वहां जाम समाप्त हो गया। वहीं एंबुलेंस से जवान का शव पैतृक गांव भेजा गया। एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी ने बताया कि तोड़पोड़ करने वाले ग्रामीणों को चिन्हित करने के लिए टीम लगा दी गई है। इधर, जवान की अंतिम संस्कार की तैयारी भी शुरू हो गई है।