हे राम! मासूम पर भी तरस नहीं आया, चार साल की बच्ची की जान लेते समय हत्यारों के हाथ भी नहीं कांपे। हर कोई अनामिका की बेरहमी से हत्या करने वालों को लानत दे रहा था। घटना का पता चलते ही बच्ची के परिवार में कोहराम मच गया। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। वहीं, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
बिजनौर जनपद में नहटौर क्षेत्र के गांव अकबरपुर निवासी अंकुर सैनी की चार वर्षीय पुत्री अनामिका मंगलवार सुबह घर के बाहर खेलने गई थी। इसी दौरान गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास से वह लापता हो गई। पुलिस ने इस मामले में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी। पुलिस व ग्रामीणों ने आसपास के जंगल सहित कई स्थानों पर कांबिंग की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने कई घरों की तलाशी भी ली थी।
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विलाप करते परिजन।
- फोटो : amar ujala
वहीं बुधवार की सुबह करीब नौ बजे गांव के पास कृपाल सिंह के गन्ने के खेत में कुछ ग्रामीणों ने एक कपड़े की गठरी पड़ी हुई देखी। जिसमें बच्ची का शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया।
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जांच करती पुलिस।
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साड़ी का टुकड़ा बन सकता है अहम सुराग
बच्ची के गले में साड़ी का एक कपड़ा था, माना जा रहा है कि इससे ही उसका गला घोंटा गया और कपड़ों की गठरी में बांधकर फेंक दिया। पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लिए हैं।
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बच्ची का फाइल फोटो।
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पुलिस यह सुराग लगाने की कोशिश कर रही है कि साड़ी के टुकड़े और कपड़ों की गठरी गांव के किसी व्यक्ति की तो नहीं है।
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जांच करती पुलिस।
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गले में पड़ा था कपड़े की पट्टी का फंदा, हाथ-पैर थे बंधे
बच्ची का शव कपड़ों की गठरी में बांधकर में फेंक दिया गया था। गले में साड़ी के कपड़े की पट्टी लिपटी हुई थी और हाथ पैर बंधे हुए थे।