उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में मुठभेड़ में दबोचे गए बदमाश रंजीत और अमजद की तलाश में राजस्थान व पंजाब पुलिस खाक छानती घूम रही थी। रंजीत को दस साल पहले एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो रहते हुए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर बर्खास्त किया गया था। इसके बाद रंजीत ने अपना गैंग बना लिया था और वारदातों को अंजाम देने लगा।
खौफनाक: बर्खास्त कमांडो के क्राइम रिकॉर्ड की पूरी कहानी, पहले बनाया गैंग, फिर की ताबड़तोड़ वारदातें
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राजस्थान के चुरू में 25 किलो सोना व आठ लाख रुपये लूटने के बाद रंजीत अपने साथी अमजद, शादाब व मोहाली के रहने वाले हनीस ठाकुर के साथ फरार हो गया था। बदमाशों को नहीं मालूम था कि सोने के जो पैकेट उन्होंने लूटे हैं, उनमें चिप लगी थी। राजस्थान पुलिस चिप की जीपीएस के माध्यम से बदमाशों की लोकेशन लेती रही। हनीस ठाकुर व शादाब को हिसार में पुलिस ने लूटे गए 25 किलो सोने व छह लाख रुपये, चार पिस्टल, एक कार, चाकू के साथ दबोच लिया था पर रंजीत व अमजद भाग निकले।
इसके बाद ये हिमाचल और उत्तराखंड में छिपे रहे। 21 मार्च को रंजीत, शादाब व हनीस समेत पांच बदमाशों ने अमृतसर में सराफ के यहां डाका डाला। अमजद उस समय जेल में बंद था। इस डकैती में 30 लाख कीमत का सोना लूटा गया। तब से पंजाब पुलिस के साथ राजस्थान पुलिस भी रंजीत व अमजद की तलाश में थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों बदमाशों पर 30-30 मुकदमे दर्ज हैं और उनकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है।
लूट में विफल होने पर भाग गए थे हरिद्वार
पकड़े गए बदमाश अमजद की बिजनौर के मोहल्ला मिर्दगान में ससुराल है। वह ससुराल में खूब आता-जाता है। अमजद के कहने पर ही रंजीत 19 जुलाई को बिजनौर में मुथूट फाइनेंस में सोना लूटने गया था। दोनों बदमाश बकरीद से पहले रैकी करके गए थे। मुथूट फाइनेंस में विफल होने पर दोनों बदमाश बाइक से हरिद्वार भाग गए। मौके से भागते के बाद रंजीत ने ऐश्वर्य होटल के पीछे अपने कपड़े बदले। रंजीत ने पुलिस को बताया कि अमजद मालतीनगर में था। वहां से दोनों बदमाश हरिद्वार चले गए। हरिद्वार से मुंबई गए और कुछ दिन बाद वापस हरिद्वार आ गए।
वहीं मंगलवार को दोनों बदमाश बाइक से बिजनौर में अमृतसर की डकैती का लूटा गया सोना बेचने आए थे। सोना बिका नहीं तो वापस हरिद्वार जा रहे थे। तभी पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने रंजीत के पास से बिजनौर की घटना के दौरान पहने लोअर, टीशर्ट व कैप, दोनों पिस्टल बरामद कर ली हैं। रंजीत ने पुलिस को बताया कि भागते समय होशराम ने पकड़ लिया था। उसने पिस्टल से गोली लाई। उसे नहीं मालूम कि गोली होशराम को लगी या नहीं। रंजीत को मालूम था कि मुथूट फाइनेंस में मोटा सोना है। अमजद ने ही बिजनौर में लूट करने का रास्ता रंजीत को दिखाया था।