चिन्मयानंद-छात्रा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने दोनों पक्षों के बयान लेने के बाद सत्ता पार्टी के एक नेता को बुधवार की रात तलब कर उनसे पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार यह नेता अपने साथियों के साथ छात्रा और उसके दोस्त संजय से मिलने राजस्थान गए थे। एसआईटी पर्दे के पीछे के लोगों को भी पहचानने की कोशिश कर रही है।
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swami chinmayanand
- फोटो : सोशल मीडिया
24 अगस्त को छात्रा फेसबुक पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ गंभीर आरोप वाला वीडियो वायरल करने के बाद गायब हो गई थी। इसी के साथ स्वामी से फिरौती मांगे जाने का मामला सामने आया तो सत्ता दल के एक नेता अपने दो अन्य साथियों के साथ मामले को सुलझाने में लग गए। यह नेता अपने दो साथियों के साथ स्वामी से फिरौती मांगने में संदेह के दायरे में आए संजय से मिलने राजस्थान उस जगह पहुंच गए, जहां छात्रा और संजय ठहरे हुए थे।
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स्वामी चिन्मयानंद
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी ने अपनी विवेचना में इस बिंदु को भी शामिल कर लिया। इसीलिए अपहरण और फिरौती मामले से संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के बाद सबसे आखिर में एसआईटी ने उस नेता से भी पूछताछ की, ताकि जांच में कुछ और चीजें स्पष्ट हो सकें।
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मुमुक्षु आश्रम के पास एसआईटी
- फोटो : अमर उजाला
पीड़िता की मां की नौकरी के मांगे अभिलेख
स्वामी चिन्मयानंद के मुताबिक छात्रा के पिता ने जब उसकी मां को घर से निकाला था तो उन्होंने मुमुक्षु आश्रम से जुड़े एसएसएमबी में उसकी नौकरी लगवा दी थी। इसकी जानकारी होने के बाद अब एसआईटी ने एसएसएमबी के प्रधानाचार्य को बुलाकर छात्रा की मां की नौकरी के अभिलेख भी तलब कर लिए। पीड़ित छात्रा की मां भी स्वामी चिन्मयानंद के स्कूल एसएसएमबी में नौकरी करती थीं।
चिन्मयानंद के मामले में एसआईटी को पूरी छूट: डीजीपी
वहीं, अलीगढ़ में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि चिन्मयानंद मामले में एसआईटी को कार्रवाई करने की पूरी छूट है। यहां पुलिस लाइन सभागार में डीजीपी से पत्रकारों ने सवाल किया कि अभी तक चिन्मयानंद पर मुकदमा और गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है। तब डीजीपी ने कहा कि इस मामले में एसआईटी को पूरी तरह से छूट दे दी गई है।