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Bareilly News: तीन लोगों की मौत के बाद जागा पीडब्ल्यूडी, अधूरे पुल पर चार जगह कराई बैरिकेडिंग

Tue, 26 Nov 2024 10:42 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 26 Nov 2024 10:42 AM IST
सार

Bridge Accident News: बरेली और बदायूं जिले पर बना अधूरा पुल तीन लोगों के लिए काल बन गया। हादसे के बाद जिम्मेदारों की नींद टूटी है। अधूरे पुल पर कोई जा न सके, इसलिए पक्की दीवार बनवाने के साथ चार जगह बैरिकेडिंग की गई है। 

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PWD woke up after the death of three people barricading on the incomplete bridge
अधूरे पुल पर बनाई गई दीवार, लगा चेतावनी बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

बदायूं जिले के समरेर को बरेली के फरीदपुर से जोड़ने वाला पुल 14 माह से हवा में लटक रहा, लेकिन पीडब्ल्यूडी के अभियंता सोते रहे। हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद उनकी नींद टूटी। अब हादसे रोकने के लिए चार जगह बैरिकेडिंग कराई गई है। यह सतर्कता पहले दिखाते तो शायद यह हादसा बच जाता। ग्रामीणों ने भी इस हादसे के लिए अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया है।



हादसे के वक्त पुल पर कोई बैरिकेडिंग नहीं थी। वाहनों का आवागमन रोकने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार काफी पहले टूट गई थी। उसे दोबारा नहीं बनवाया गया। हादसे के कुछ ही घंटे बाद वहां ईंटों का चट्टा लगा दिया गया था। अगले 24 घंटे के भीतर इसी दीवार को पक्का कराया गया। पुल से ढाई सौ मीटर दूर एप्रोच रोड पर कंक्रीट के बोल्डर रखवाए गए।  इसके साथ ही, बालू की बोरियां रखवाकर दो और अवरोधक बनाए गए हैं।

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PWD woke up after the death of three people barricading on the incomplete bridge
अधूरे पुल से पहले अप्रोच रोड पर रखे गए पत्थर - फोटो : संवाद
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब कुछ शरारती युवाओं ने दीवार गिराई थी, अगर उसी वक्त अभियंता इसका संज्ञान लेते तो हादसे को रोका जा सकता था। वहीं, समरेर निवासी सुरेंद्र गुर्जर ने इसके लिए सीधे तौर पर निगरानी के लिए लगाए गए अभियंताओं को जिम्मेदार बताया।
PWD woke up after the death of three people barricading on the incomplete bridge
पीडब्ल्यूडी ने लगवाया चेतावनी बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

कठघरे में जिम्मेदार
लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने न तो अवरोधक लगाए, न ही रिफ्लेक्टर और संकेतक बोर्ड लगवाए। नतीजा गूगल मैप देखकर कार सवार बढ़ते गए। हादसा हुआ तो पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं की कमियां सामने आईं। इसके बाद अब अभियंता, दोतरफा जांच के घेरे में आ गए हैं। एक तरफ पुलिस विवेचना कर रही है तो दूसरी ओर विभागीय जांच भी हो रही है। पुलिस की जांच में दीवार तोड़ने वाले शरारती युवा भी चिह्नित किए जाएंगे। फिलहाल, इन्हें अज्ञात दर्शाया गया है। 

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PWD woke up after the death of three people barricading on the incomplete bridge
अधूरे पुल से नीचे गिरी थी कार - फोटो : अमर उजाला

पुल पर 55 करोड़ खर्च, 29.50 लाख के इंतजार में हुआ हादसा
हवा में लटके पुल को बनाने में लोक निर्माण विभाग ने 55 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, लेकिन एप्रोच रोड बनाने के लिए 29.50 लाख खर्च करने में देरी हुई। नतीजा, 14 महीने से पुल हवा में लटका है। अभियंताओं की देरी और लापरवाही ने तीन लोगों की जान ले ली।

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PWD woke up after the death of three people barricading on the incomplete bridge
क्षतिग्रस्त कार - फोटो : अमर उजाला
दातागंज क्षेत्र के विधायक राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुल के एप्रोच मार्ग के निर्माण में देरी का मुद्दा वह विधानसभा में उठा चुके हैं। अब हादसे के लिए जो जिम्मेदार हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। मॉडल स्टडी के लिए बजट दिलाने के लिए शासन में पैरवी करेंगे। हादसे के पीड़ितों को भी राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखेंगे। 
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