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Judge Jyotsna Rai: खुला था पिछला दरवाजा... भाई ने उठाए सवाल, पिता बोले-साजिश है ये; जिला जज भी इसलिए हुए नाराज
Mon, 05 Feb 2024 09:27 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
अमर उजाला नेटवर्क, बदायूं
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 05 Feb 2024 09:27 AM IST
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Judge Jyotsna Rai
- फोटो : अमर उजाला
बदायूं में तैनात सिविल जज (जूनियर डिवीजन) ज्योत्सना राय के शव का रविवार को पोस्टमार्टम करा दिया गया। परिवार वाले उनके शव को अयोध्या ले गए। उनकी आखिरी इच्छा के अनुसार सरयू तट पर ही अंतिम संस्कार किया गया। तीन वर्ष तक कर्मभूमि रही अयोध्या धाम के सरयू तट पर रविवार देर रात महिला जज पंचतत्व में विलीन हो गईं। सुसाइड नोट में जताई गई उनकी इच्छा के अनुरूप परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया। उनका शव पहुंचते ही आसमान भी गमगीन हुआ और बारिश के बीच ही रात 11:05 बजे उन्हें मुखाग्नि दी गई।
Jyotsana Rai Case
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की सुबह करीब 11 बजे बदायूं में शव का पोस्टमार्टम होने के बाद करीब एक बजे परिजन उन्हें लखनऊ के हिमसिटी पार्ट-दो देवा रोड निकट बावा हॉस्पिटल स्थित आवास पर ले गए। वहां अंतिम दर्शन के बाद सरयू तट पर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए।
मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
देर रात 10:36 पर जैसे ही उनका शव वाहन से सरयू तट पर पहुंचा, सभी के अश्रुधार निकल पड़ी। जैसे ही शव शैय्या पर लेटाया गया, आसमान भी मानो फूट-फूटकर रोने लगा और तेज बरसात शुरू हो गई। बारिश के बीच जज के पिता अशोक कुमार राय ने मुखाग्नि दी।
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जज के सरकारी आवास के बाहर जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले, परिवार वाले बदायूं स्थित उनके आवास से काफी सामान और उनके खरगोश भी साथ ले गए। सिविल जज के बड़े भाई हिमांशु शेखर राय ने आवास की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। रविवार सुबह करीब 10 बजे परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
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मौके पर पहुंचे डीएम मनोज कुमार व अन्य अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में कार्यरत रेलवे के इंजीनियर हिमांशु शेखर राय ने बताया कि वह ज्यादा कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन कहीं न कहीं उनका आवास सुरक्षित नहीं था। पीछे लगा जाली वाला गेट खुला था। बाथरूम का दरवाजा भी खुला पड़ा था।