बरेली में नौ अक्तूबर को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश का असली नाम इफ्तेकार उर्फ शैतान नहीं बल्कि फिरोज था। वह संभल जिले का निवासी था। पुलिस ने उसके परिवार को खोज निकाला। रविवार को फिरोज की पत्नी संभल से बरेली पहुंची। पुलिस व संस्था अवाम-ए-खिदमात कमेटी के सहयोग से उसके शव को कैंट के कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया।
बृहस्पतिवार सुबह मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की सही पहचान न होने से अधिकारी भी उलझन में थे। एसएसपी अनुराग आर्य ने सात पुलिस कमिश्नर व एसपी को पत्र भेजकर पहचान में मदद कराने की अपेक्षा की थी। बरेली पुलिस भी मृतक का फोटो और उसके 15 नाम व सात पते लेकर घूम रही थी, लेकिन उसका सही पता नहीं मिल सका था।
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एक लाख रुपये का इनामी था फिरोज
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मुकरर्मपुर का रहने वाला था फिरोज
शनिवार को पुलिस ने संभल जिले के पते से उसके परिवार को खोज निकाला। उसका असली नाम फिरोज पुत्र अशाक हुसैन था। वह शेखजादा बिरादरी का निकला और उसका गांव मुकरर्मपुर है। जो संभल जिले के थाना हजरतनगर गढ़ी में आता है। बरेली पुलिस वहां के प्रधान की मदद से फिरोज की पत्नी शायदा को ले आई। शायदा व प्रधान ने रविवार सुबह कैंट स्थित कब्रिस्तान में इफ्तेकार के शव को सुपुर्द-ए-खाक कराया। उसकी पत्नी शायदा से पुलिस पूछताछ कर रही है।
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मौके पर जांच करती पुलिस टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीन दिन तक तलाशती रही पुलिस
तीन दिन तक पुलिस फिरोज उर्फ इफ्तेकार उर्फ शैतान के परिजनों को तलाशती रही। उसके नाम पर कानपुर, लखनऊ, नोएडा, आगरा, वाराणसी और गाजियाबाद तक पुलिस ने दस्तक दी, लेकिन कोई परिजन आगे नहीं आया। आखिरकार अवाम-ए-खिदमात कमेटी नाम की संस्था को सुपुर्द-ए-खाक की जिम्मेदारी सौंपी गई। रविवार सुबह उसरा शव दफनाया गया। मौके पर पुलिस अफसरों के साथ फोर्स तैनात रही।
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फिरोज की फाइल फोटो
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बरेली में की थी सनसनीखेज डकैती
शैतान का नाम नवंबर 2024 में बिथरी चैनपुर के उदयपुर जसरथपुर गांव में हुई डकैती के बाद सामने आया था। नकाबपोश बदमाशों ने किसान केशर खां के परिवार को बंधक बनाकर लाखों की लूट की थी। इस वारदात के बाद पुलिस ने इसकी धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। चार अक्टूबर को पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों मुरादाबाद के अफताब उर्फ सैफ और शाहजहांपुर के देवेंद्र को मुठभेड़ में दबोचा था। पूछताछ में शैतान का नाम उजागर हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया। बृहस्पतिवार सुबह नैनीताल हाईवे पर बिलवा पुल के पास पुलिस ने शैतान को मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
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Bareilly Encounter
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सात जिलों में 19 मुकदमे, दोहरे हत्याकांड में भी नाम
शैतान पर सात जिलों में हत्या, लूट और डकैती के 19 मामले दर्ज थे। इनमें मेरठ और बरेली में दोहरे हत्याकांड जैसी वारदात भी शामिल थीं। हर वारदात के बाद वह अपना नाम और ठिकाना बदल लेता था। एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक शैतान छैमार गिरोह का सक्रिय सदस्य था। गिरोह के सदस्य ज्यादातर दूर-दराज के जिलों में वारदात को अंजाम देते हैं। ये लोग अक्सर बैंड पार्टी या शादी समारोहों में शामिल होकर रेकी करते और फिर निशाने पर आए घरों में डकैती डालते। डकैती के दौरान विरोध होने पर हत्या करना इस गिरोह की पहचान रही है। पुलिस को अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश है।