{"_id":"62ea07cb7f47160aac65091a","slug":"firecracker-blast-in-jehanabad-pilibhit-daughters-kept-screaming-to-save-life-papa-save-us","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बारूद के ढेर पर जिंदगी: उठने लगीं लपटें...होने लगे धमाके, जान बचाने के लिए चीखती रही बेटियां, पापा हमें बचा लो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारूद के ढेर पर जिंदगी: उठने लगीं लपटें...होने लगे धमाके, जान बचाने के लिए चीखती रही बेटियां, पापा हमें बचा लो
Wed, 03 Aug 2022 10:59 AM IST
शाहरुख खान
राकेश कुमार, अमर उजाला, पीलीभीत
राकेश कुमार, अमर उजाला, पीलीभीत
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 03 Aug 2022 10:59 AM IST
विज्ञापन
firecracker blast in pilibhit
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खतरे में जान डालकर जिंदगी जीने की कीमत अजीम बेग को अपनी तीन बेटियों की जान देकर चुकानी पड़ी। पीलीभीत के जहानाबाद के जोशी टोला में जिस वक्त आतिशबाजी के कारोबारी अजीम बेग के घर में पटाखों से विस्फोट हुआ तो उनकी बेटियां चीखती रहीं कि पापा हमें बचा लो...। मजबूरी ऐसी थी कि मदद को कोई आगे न आ सका। विस्फोट और धमाकों ने पड़ोसियों को दूर कर दिया था। पटाखे और उनसे बनने वाली सामग्री नियमत: आबादी से दूर किसी गोदाम में रखी जानी चाहिए। अजीम बेग ने इसे नजरअंदाज किया। वह घर में ही पटाखा स्टोर करते थे। आखिर मंगलवार को हादसा हो ही गया। कुछ लोग मदद को आगे भी बढ़े लेकिन दूर-दूर गिर रहीं ईंटों से बचने के लिए लोग पीछे हट गए। अजीम का परिवार खुद बचाने के लिए इधर-उधर भागता रहा और झुलस रहीं तीन बेटियों को देखता रहा।
firecracker blast in pilibhit
- फोटो : अमर उजाला
बाद में आग आग बुझाने और बचाव कार्य में लगे युवक सारिक खान ने बताया कि चौतरफा आग ही आग नजर आ रही थी। अंदर से बेटियों की आवाज आ रही थी कि पापा हमें बचा लो...पापा हमें बचा लो। जब थोड़ी सी आग कम हुई तो अजीम बेग की दो पुत्रियों निशा (17) और सानिया (15) को सबसे पहले निकाला गया।
firecracker blast in pilibhit
- फोटो : अमर उजाला
नगमा मलबे में दब गई थी। उसे निकालने में समय लगा। सारिक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर हर कोई मौके की ओर दौड़ पड़ा था लेकिन आग बुझाने के लिए पानी की मोटर नहीं चल पा रही थी क्योंकि बिजली नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
firecracker blast in pilibhit
- फोटो : अमर उजाला
लोग लाइन बना खड़े हो गए और एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को बाल्टी थमा रहे थे, इससे आग बुझाने का प्रयास किया गया। पानी डालने वाले युवा अधिक थे। दमकल घटना के डेढ़ घंटे बाद पहुंच पाई। आग पर काबू तब पूरी तरह से पा लिया गया था। नगर पालिका का टैंकक भी मंगाया गया। वह दमकल से पहले आ गया था। उससे आग पर काबू पाने में मदद मिली। तीन बहनों की मौत की खबर मिलते ही अजीम का पुत्र ताजीम बेहोश हो गया।
विज्ञापन
firecracker blast in pilibhit
- फोटो : अमर उजाला
स्काई शॉट बनाते वक्त हादसा होने की होती रही चर्चा
पुलिस अफसर भले ही बिक्री के लिए रखी आतिशबाजी का हवाला दे रहे हों, मगर आसपास के लोगों में स्काई शॉट (हवाई पटाखा) बनाते वक्त हादसा होने की आम चर्चा है। कुछ लोग लंबे समय से घर के अंदर पटाखा बनाने की बात भी कह रहे थे। लोगों का कहना था कि गोदाम तो बस नाम का है, काम तो घर पर ही होता है। यहां कोई चेकिंग के लिए नहीं आता। अगर समय से चेकिंग की गई होती, तो हादसा नहीं होता।
पुलिस अफसर भले ही बिक्री के लिए रखी आतिशबाजी का हवाला दे रहे हों, मगर आसपास के लोगों में स्काई शॉट (हवाई पटाखा) बनाते वक्त हादसा होने की आम चर्चा है। कुछ लोग लंबे समय से घर के अंदर पटाखा बनाने की बात भी कह रहे थे। लोगों का कहना था कि गोदाम तो बस नाम का है, काम तो घर पर ही होता है। यहां कोई चेकिंग के लिए नहीं आता। अगर समय से चेकिंग की गई होती, तो हादसा नहीं होता।