Shahjahanpur News: दो दिन तक शव का इलाज करने का आरोप, भड़के परिजनों ने अस्पताल पर किया पथराव
शाहजहांपुर के शाहबाजनगर निवासी राजेश के 15 वर्षीय पुत्र केशव की चौक कोतवाली क्षेत्र के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि बुखार आने पर मरीज को डॉक्टर ने आईसीयू में शिफ्ट कर परिजन से मिलने तक नहीं दिया। साथ ही दो दिन पहले मौत होने के बावजूद उसका उपचार करते रहे।
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शाहजहांपु के चौक कोतवाली क्षेत्र के एक अस्पताल में दो दिन तक शव को वेंटिलेटर पर रखकर इलाज के आरोप में आक्रोशित परिजनों ने बुधवार शाम जमकर हंगामा किया। सड़क पर शव रख जाम लगाया। अस्पताल पर पथराव किया। कर्मचारियों को भी पीटा। काफी हंगामे के बाद परिजन कार्रवाई के आश्वासन पर देर रात मान गए।
शाहबाज नगर निवासी राजेश ने अपने 15 वर्षीय पुत्र केशव को 31 अगस्त को बुखार से पीड़ित होने पर अजीजगंज क्षेत्र के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। अगले ही दिन उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। इस बीच डॉक्टर ने मरीज को छूने तक नहीं दिया।
मरीज को मृत देख भड़क गए परिजन
मरीज को वेंटिलेटर पर रखने के दौरान बुधवार को परिवार वालों ने छूने की जिद की। आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने शव निकालकर दे दिया। इस पर परिजन भड़क गए। उन्होंने अस्पताल गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। शव को बाहर रखकर जाम लगा दिया।
परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने पांच दिन में दो लाख रुपये भी जमा कराए थे। आक्रोशित परिजन डॉक्टर और स्टाफ को पीटने के बाद अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। पुलिस ने बमुश्किल उन्हें बचाया। डॉक्टर ने अस्पताल का गेट बंद कर लिया, तब मृतक के परिवार के युवक ने गेट पर पत्थर फेंके। हंगामे के दौरान रोड पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने मुश्किल से लोगों को तितर-बितर किया।
परिजनों ने मांगा मुआवजा
हंगामे की सूचना पर सीओ सिटी सौम्या पांडेय पहुंचीं और वार्ता कराई। परिजन 50 लाख रुपये का मुआवजा, अस्पताल को बंद कराने और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रात करीब साढ़े नौ बजे बमुश्किल खत्म धरना हुआ। इंस्पेक्टर राजीव तोमर ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं, अस्पताल संचालक का कहना है कि मरीज की मौत आज ही हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।