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Diksha Death Case: 'बहुत मेधावी और मृदु व्यवहार वाली लड़की थी डॉ. दीक्षा, मौत से पड़ोसी भी हैरान
Fri, 14 Jun 2024 01:59 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 14 Jun 2024 01:59 PM IST
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Diksha Tiwari Case
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पांचवीं मंजिल से गिरकर हुई डॉ. दीक्षा तिवारी की मौत खबर से यहां बरेली में सुरेश शर्मा नगर कॉलोनी निवासी उनके पड़ोसी भी हैरान हैं। किसी को भी यह विश्वास नहीं हो रहा कि दीक्षा अब नहीं रही। दीक्षा की मौत की खबर सुनकर परिवार के लोग कानपुर चले गए हैं।
Diksha Tiwari Case
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य भवन में ताला लगा था। आस-पड़ोस की महिलाएं ही इनके घर की लॉबी में बैठी थीं। उन्होंने कहा कि, हम लोगों को घटना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। परिवार के लोग ही बताएंगे। दीक्षा के बारे में पूछने पर बताया कि वह बहुत मेधावी और मृदु व्यवहार वाली लड़की थी। वह लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि अब वह इस दुनिया में नहीं है।
Diksha Tiwari Case
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने पिता को देर रात तीन बजे दी सूचना
पिता प्रदीप तिवारी ने बताया कि बुधवार रात करीब तीन बजे स्वरूपनगर पुलिस ने उन्हें बेटी की मौत की सूचना दी। सूचना मिलते ही वे लोग बरेली से निकल पड़े और गुरुवार सुबह कानपुर पहुंच गए। बेटी के शव को देख परिजन अपने आंसू नहीं रोक सके।
पिता प्रदीप तिवारी ने बताया कि बुधवार रात करीब तीन बजे स्वरूपनगर पुलिस ने उन्हें बेटी की मौत की सूचना दी। सूचना मिलते ही वे लोग बरेली से निकल पड़े और गुरुवार सुबह कानपुर पहुंच गए। बेटी के शव को देख परिजन अपने आंसू नहीं रोक सके।
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Diksha Tiwari Case
- फोटो : अमर उजाला
दिल की मरीज दादी को नहीं दी दीक्षा की मौत की खबर
रिश्तेदारों ने बताया कि डॉ. दीक्षा के बाबा मेजर रघुवीर तिवारी की हाल में मौत हुई है। वहीं दादी सावित्री दिल की मरीज हैं। दीक्षा की मौत की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। परिवार के लोग मोहल्ले वालों के भरोसे सावित्री को छोड़कर गए हैं। उनका कहना था कि दीक्षा को उसकी दादी बहुत पसंद करती थी। इसलिए उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी गई। वहीं दिल्ली में शिक्षक चाचा सुदीप व तरुण भी दीक्षा की मौत की खबर सुनकर परिवार संग बरेली के लिए निकल लिए हैं।
रिश्तेदारों ने बताया कि डॉ. दीक्षा के बाबा मेजर रघुवीर तिवारी की हाल में मौत हुई है। वहीं दादी सावित्री दिल की मरीज हैं। दीक्षा की मौत की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। परिवार के लोग मोहल्ले वालों के भरोसे सावित्री को छोड़कर गए हैं। उनका कहना था कि दीक्षा को उसकी दादी बहुत पसंद करती थी। इसलिए उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी गई। वहीं दिल्ली में शिक्षक चाचा सुदीप व तरुण भी दीक्षा की मौत की खबर सुनकर परिवार संग बरेली के लिए निकल लिए हैं।
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Diksha Tiwari Case
- फोटो : अमर उजाला
23 को होने वाली नीट पीजी के लिए पहुंचीं थीं कानपुर
डॉ. दीक्षा 23 जून को होने वाली नीट पीजी परीक्षा में शामिल होने के लिए कानपुर गईं थीं। उनके पिता प्रदीप तिवारी बरेली में भले ही कई साल से रहते हैं, लेकिन वह मूल रूप से इटावा के जसवंतनगर अजनौरा गांव निवासी हैं। प्रदीप तिवारी ने बताया कि परिवार में दीक्षा के अलावा पत्नी रेनू उर्फ अनीता व बेटा मयंक हैं। मयंक पुणे में इंजीनियर है।
डॉ. दीक्षा 23 जून को होने वाली नीट पीजी परीक्षा में शामिल होने के लिए कानपुर गईं थीं। उनके पिता प्रदीप तिवारी बरेली में भले ही कई साल से रहते हैं, लेकिन वह मूल रूप से इटावा के जसवंतनगर अजनौरा गांव निवासी हैं। प्रदीप तिवारी ने बताया कि परिवार में दीक्षा के अलावा पत्नी रेनू उर्फ अनीता व बेटा मयंक हैं। मयंक पुणे में इंजीनियर है।