बरेली में आई लव मोहम्मद के समर्थन में शुक्रवार को जुटी भीड़ इस कदर अराजक हो चली थी कि उसने किसी की नहीं सुनी। आईएमसी के पदाधिकारी, धर्मगुरु और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी उन्हें समझाते रहे। मौलाना तौकीर ने भी संदेश भिजवाया, लेकिन सभी को नजरअंदाज कर खुराफाती बवाल की राहत पर बढ़ते रहे। इसी वजह से श्यामगंज में हालात बेकाबू हुए। तब मजबूरन पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
दोपहर 12 बजे पुलिस ने श्यामगंज की ओर से कालीबाड़ी और साहूगोपीनाथ की ओर तीन लेयर में रस्से के साथ बैरिकेडिंग की थी। पुराने शहर से आने वाले राहगीर गांधी उद्यान की ओर होकर निकल रहे थे।
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बरेली में बवाल के बाद पड़ीं प्रदर्शनकारियों की चप्पलें
- फोटो : अमर उजाला
अपराह्न तीन बजे इस्लामिया मैदान की ओर माहौल खराब होने की सूचना पर पुलिस ने श्यामगंज में भीड़ को रोक दिया। यहां दबाव बढ़ा तो नौमहला मस्जिद से आए एक मौलाना ने मौलाना तौकीर रजा खां का संदेश सुनाया।
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बरेली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खान ने मौलाना तौकीर का हवाला देते हुए लोगों से घर जाने की अपील की। सूफी टोला के पार्षद मोहम्मद लईक ने भी मौलाना का संदेश जनता को दिया, लेकिन फल मंडी के पास भीड़ ने हंगामा शुरू कर दिया।
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बरेली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करती पुलिस
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इसी हंगामे के बीच वहां पहुंचे एसएसपी अनुराग आर्य ने भी भीड़ से घर जाने के लिए कहा। इसके बावजूद भीड़ ने पुलिस पर हावी होने की कोशिश की। गाली-गलौज करते हुए खुराफाती आगे बढ़ने लगे। तब एसएसपी के निर्देश पर बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा गया।
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बरेली में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करती पुलिस
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मौलाना को बुलाने पर अड़े रहे उपद्रवी
आईएमसी नेता नदीम खां और अनीस के आने के बाद भीड़ लौटने लगी थी। इसी दौरान पुलिस की वीडियोग्राफी में कैद हुए चार लोगों ने भीड़ को दोबारा उकसा दिया। नतीजा, फल मंडी के पास भीड़ रुक गई। मौलाना तौकीर को बुलाने पर अड़ गई। समझाने पर दोबारा लोग लौटने लगे तो खुराफातियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते माहौल खराब हो गया।