Cylinder Blast In Bareilly: बरेली के रजऊ परसपुर गांव में अपनी दिनचर्या में व्यस्त ग्रामीण अचानक तेज धमाके की आवाज सुनकर चौंक उठे। सोचा कि हाईवे से गुजर रहे किसी ट्रक का टायर फटा होगा। वे किसी नतीजे पर पहुंच पाते, इससे पहले ही दूसरा, तीसरा, चौथा... लगातार धमाके होने लगे।
साथ ही, लोगों के खेतों में और घरों पर सिलिंडरों के अवशेष गिरने लगे। दहशत में लोग इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिलिंडर ज्वालामुखी की तरह फट रहे थे और उल्कापिंड की तरह आसमान से मलबा बरस रहा था।
2 of 13
गोदाम से उठतीं आग का लपटें
- फोटो : अमर उजाला
ट्रक से उठ रहीं थीं ऊंची-ऊंची लपटें
गांव के दीपक ने बताया कि जब वह घर से बाहर निकले तो गांव से पश्चिम से धुएं का गुबार आसमान में उठता दिखा। छत पर गए तो देखा कि महालक्ष्मी गैस एजेंसी के बाहर खड़े ट्रक में से ऊंची-ऊंची लपटें उठ रहीं थीं। इस दौरान कई और धमाके भी हुए। करीब जाने पर ज्वालामुखी की तरह आग का ऊंचा गोला दिखा। जलते हुए सिलिंडर हवा में ऐसे उड़ रहे थे, जैसे आसमान से उल्कापिंड की बारिश हो रही हो।
3 of 13
घटना के बाद घरों से बाहर निकले लोग
- फोटो : अमर उजाला
खाली हो गए ज्यादातर मकान
मंजर देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। सिलिंडर फटने के बाद कई टुकड़े मकानों तक पहुंचे तो ग्रामीण भाग खड़े हुए। देखते ही देखते पश्चिम दिशा की ओर से बने ज्यादातर मकान खाली हो गए। यहां रहने वाले गांव के केंद्र की ओर चले गए। इनमें से ज्यादातर दोमंजिला मकानों की छत पर चढ़कर आग की लपटें उठते हुए देख रहे थे। घटनास्थल की ओर जाने का साहस कोई नहीं जुटा पा रहा था।
4 of 13
एलपीजी गोदाम के बाहर खड़े ट्रक में लगी आग के बाद उठतीं लपटें
- फोटो : अमर उजाला
ओट लेकर खुद को बचाया
महालक्ष्मी गैस एजेंसी से एक किलोमीटर के दायरे में तीन गांव हैं। आसपास खेत हैं। गेहूं कटाई का सीजन होने के चलते सोमवार को बड़ी संख्या में किसान खेतों पर ही थे। दोपहर के समय जब धमाके होने लगे तो भगदड़ सी मच गई। गांव की ओर जाने वाला रास्ता एजेंसी के सामने से ही गुजरता है, यहां से जाना संभव नहीं था। ऐसे में वह खेतों में ही लेट गए। जब उन्होंने आसमान से सिलिंडर बरसते देखे तो सूझबूझ का परिचय देते हुए पेड़ सहित अन्य चीजों की ओट लेकर खुद को बचाया। कई ग्रामीण पास स्थित मगनापुर और सुंदरपुर गांव की ओर चले गए।
5 of 13
सड़क पर जुटे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
देर रात तक नहीं गए खेतों की ओर
छुट्टा पशुओं से फसल की रखवाली के लिए खेतों में सोने वाले किसानों के चेहरे पर भी घटना के बाद खौफ नजर आया। चूंकि कई सिलिंडर खेतों में फसल के बीच पड़े थे, ऐसे में इनके फटने की आशंका को लेकर किसान खेतों की ओर ही नहीं गए।