बरेली के पीलीभीत बाइपास पर हुए गोलीकांड के आरोपी आदित्य उपाध्याय के सांवरिया रिसॉर्ट के ध्वस्तीकरण के लिए शुक्रवार को बीडीए और पुलिस की टीम पहुंची तो वहां मौजूद महिलाओं व अन्य लोगों ने उन पर खूंखार कुत्ते छोड़ दिए। वीडियो बनाते हुए टीम पर दबाव बनाने का प्रयास किया। इससे घबराई टीम ने बाहर खड़े अधिकारियों को सूचना दी। सीओ तृत्तीय अनीता चौहान और नायब तहसीलदार विदित कुमार ने वहां मौजूद लोगों को हड़काया और कुत्तों पकड़कर ले जाने के लिए कहा। इस पर वहां मौजूद लोग कुत्तों को पकड़कर ले गए। इसके बाद कार्रवाई शुरू हो सकी। साढ़े छह घंटे तक बुलडोजर गरजते रहे। इस दौरान रिसॉर्ट के 70 फीसदी हिस्से को जमींदोज कर दिया गया।
बरेली बवाल: विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में था आदित्य, ध्वस्त हुआ रसूख, रिसॉर्ट पर 6.30 घंटे चले बुलडोजर
विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में था आदित्य
फायरिंग के बाद चर्चा में आया आदित्य उपाध्याय भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। सूत्रों की मानें तो इसमें एक नेता पर्दे के पीछे से उसकी मदद कर रहे थे। उसका बेटा अभिराज भी भोजीपुरा क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहा। वह एक पार्टी का सक्रिय कार्यकर्ता भी है।
बिना लाइसेंस के चलता था हुक्का बार
आदित्य उपाध्याय की मां मीरा शर्मा सेवानिवृत निरीक्षक हैं। उनके नाम पर ही यह रिसॉर्ट संचालित हो रहा था। हालांकि, इसका संचालन आदित्य व उसका बेटा अविरल ही करते थे। कार्रवाई से पहले टीम ने इसे खाली करवाया तो पता चला कि आरोपी इसके निचले हिस्से में बिना लाइसेंस के ही हुक्का बार चलाता था।
कई नस्ल के कुत्ते पिंजरों में थे बंद
नायब तहसीलदार ने गोदाम में जाकर देखा तो वहां कुत्तों के कई पिंजरे थे। आरोपी आदित्य ने कई नस्लों के खूंखार कुत्ते पाल रखे थे। वहां मौजूद कई युवक व युवतियों को सावधानी पूर्वक उन्हें हटाने के निर्देश दिए। एक-एक कर कुत्तों को बाहर निकाला गया।
आरोपी आदित्य वन्यजीवों को पालने का भी शौकीन है। पुलिस की जांच में पता लगा है कि जहरीले सांपों को पकड़ने के लिए आरोपी सप्ताह में एक दिन जंगल में जाता था। हालांकि, पुलिस को उसके यहां से कोई भी सांप या अन्य वन्यजीव बरामद नहीं हुआ है।