यूपी के बदायूं के दातागंज इलाके के गांव सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में मुख्य प्रबंधक और उप प्रबंधक की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि लूटी गई गाड़ी से प्लांट में बेधड़क घुसे अजय प्रताप सिंह ने अंदर दफ्तर पहुंचने के बाद जमकर गालियां दीं।
इस पर अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे मुख्य प्रबंधक (परियोजना) सुधीर गुप्ता और उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा जैसे ही बाहर आए तभी उसने गोलियां चला दीं। प्लांट में कर्मचारियों की शिफ्ट दो बजे बदलती है।
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मृतक सुधीर गुप्ता की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कर्मचारियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था कंपनी की गाड़ी से की जाती है। चूंकि आरोपी कंपनी में काम कर चुका है तो उसे सब पता था कि किस समय गाड़ी कर्मचारियों को लेकर गांव के पास से निकलती है। उसी हिसाब से उसने अपनी पूरी योजना बनाई।
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आरोपी अजय प्रताप सिंह की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब 1.30 बजे कंपनी की गाड़ी का चालक धर्मेंद्र कर्मचारी भटौली निवासी किरन, पुरैनी निवासी रामौतार व दीपक को लेकर सैजनी गांव के पास पहुंचे कि अजय प्रताप सिंह गाड़ी के सामने खड़ा हो गया। उसके हाथ में तमंचा देख चालक ने गाड़ी रोक दी।
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एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद बाहर मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चालक व अन्य तीनों कर्मचारियों को तमंचे के बल पर गाड़ी से नीचे उतारा और उनके मोबाइल फोन छीनने के बाद गाड़ी को लेकर वहां से भाग निकला। कर्मचारियों को धमकी दी कि अगर भागकर कहीं कोई सूचना दी तो जान से मारे जाओगे।
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एचपीसीएल प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसएसपी के मुताबिक, आरोपी अजय ने गाड़ी मुख्य प्रबंधक परियोजना व उपप्रबंधक के कार्यालय के बाहर रोकी और दोनों हाथों में लिए तमंचों से गोलियां चला दी। गोलियों की आवाज सुनकर सुरक्षा गार्ड दौड़े लेकिन गाड़ी में बैठकर हवाई फायरिंग करते हुए आरोपी फिल्मी स्टाइल में भाग निकला।