रामगोपाल हत्याकांड... करीब 14 महीने का इंतजार। लंबी प्रतीक्षा, आरोपियों के प्रायश्चित, फांसी और उम्रकैद के फैसले ने कई दौर देखे। बृहस्पतिवार को पीड़ित परिवार की लंबे समय से चली आ रही न्याय की प्रतीक्षा पूरी हो गई। फैसला सुनते ही पिता ने कहा... सच में कानून का राज है। बेटे की आत्मा को अब जाकर शांति मिलेगी। परिवार के सभी सदस्यों की आंखें नम हो गईं।
फैसला सुनते ही दिवंगत रामगोपाल की मां मुन्नी देवी खुद पर काबू नहीं रख सकीं। उन्होंने कांपती आवाज में कहा... भगवान का लाख लाख शुक्र है। मेरे बेटे को आज न्याय मिल गया। यह कहते-कहते उनकी आंखों से आंसू टपक पड़े। न्याय की आस आज पूरी हुई।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती राम गोपाल मिश्रा के पिता कैलाशनाथ मिश्रा और मौजूद भाई हरमिलन मिश्रा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं'
रामगोपाल के पिता कैलाश नाथ मिश्रा पिछले चार दिनों से मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत है। इस कारण लगातार इलाज चल रहा है। बृहस्पतिवार देर शाम फैसले की खबर जैसे ही अस्पताल पहुंची, उनकी आंखें भर आईं। कमजोर आवाज में उन्होंने कहा... भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं। आज हमारे बेटे को इंसाफ मिला है। अब उसकी आत्मा को शांति मिलेगी।
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राम गोपाल मिश्रा के भाई हरमिलन मिश्रा
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भाई हरमिलन मिश्रा भी फैसले के बाद भावुक हुए
परिवार की देखभाल और पिता की तीमारदारी में लगे रामगोपाल के बड़े भाई हरमिलन मिश्रा भी फैसले के बाद भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उनके परिवार की उम्मीदों को पूरा किया है और अब वे अपने भाई की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
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महराजगंज हिंसा के मामले में गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के बाद जेल भेजे गए आरोपियों को ले जाती पुलिस
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इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस ने रातभर की गश्त
फैसले के बाद किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्थिति न बन सके, इसके लिए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि महाराजगंज इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है। रात के समय भी कस्बे के मोहल्लों में गश्त जारी रहेगी। अदालत के निर्णय के बाद किसी भी पक्ष द्वारा अनावश्यक भीड़ न जुटे, इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
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मृतक राम गोपाल मिश्रा की पत्नी रोली मिश्रा
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फैसला सिर आंखों पर, पति को मिला न्याय
रामगोपाल हत्याकांड में बृहस्पतिवार को आए फैसले ने पत्नी रोली मिश्रा के एक वर्ष के संघर्ष को पूरा कर दिया। पति की हत्या के बाद से लगातार न्याय की लड़ाई लड़ रहीं रोली ने फैसले पर कहा कि उनकी केवल एक ही मांग थी कि पति के कातिलों को फांसी की सजा मिले। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने यही फैसला सुनाया, जिसे वह सिर आंखों पर रखती हैं। इससे पति की आत्मा को शांति मिलेगी।