बागपत में फखरपुर गांव से बृहस्पतिवार की शाम को लापता हुए सात साल के शौर्य की जानकारी देने वाले को 50 हजार रुपये की नगद राशि दी जाएगी। वहीं सूचना देने वाले का नाम भी गोपनीय रखा जाएगा। एसपी नीरज कुमार जादौन ने यह घोषणा की है।
बता दें कि लापता शौर्य का पांच दिन बाद भी सुराग नहीं लग पाया है। खेकड़ा, चांदीनगर, बागपत, बड़ौत, सिंघावली अहीर और बालैनी सहित छह थानों की पुलिस, डॉग स्क्वाड की टीम और पीएसी के जवान बच्चे की दिन-रात जंगल में तलाश कर रहे हैं। लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई। सवाल है कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है। वहीं शौर्य के न मिलने के कारण मां मोनिका और पिता सोहनबीर व दादा जगबीर सिंह समेत सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बच्चे की तलाश करते अधिकारी।
- फोटो : amar ujala
शौर्य का नहीं कोई सुराग
खेकड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम फखरपुर से लापता हुए शौर्य उर्फ सूर्यांश की तलाश में पीएसी के जवान भी जुटे हैं। डॉग स्क्वॉड टीम के साथ उन्होंने जंगल की खाक छानी, लेकिन 90 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है।
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बच्चे की तलाश जारी।
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15 दिसंबर की शाम ग्राम फखरपुर से ग्रामीण सोहनबीर का सात वर्षीय पुत्र शौर्य उर्फ सूर्यांश ट्यूशन से वापस लौटते समय लापता हो गया था। पुलिस तभी से बालक की बरामदगी के लिए गांव में डेरा डाले हुए है। रविवार को पीएसी के जवान भी फखरपुर गांव पहुंचे। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार मिश्रा के नेतृत्व में डॉग स्क्वॉड टीम के साथ जंगल को खंगाला। गन्ने के खेतों में भी बालक की खोज की गई। ग्रामीणों से भी गहन पूछताछ की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि बालक की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। जल्द ही उसको बरामद कर लिया जाएगा।
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बच्चे की तलाश करती पुलिस।
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कुछ भी करो मेरे जिगर के टुकडे़ को लाओ
शौर्य की मां मोनिका का रो-रोकर बुरा हाल है। वह पुत्र के गम में बेहोश भी हो रही है। होश में आते ही एक ही बात बोल रही है कि कुछ भी करो मेरे जिगर के टुकडे़ को लाकर दो। उसकी यह वेदना पति सोहनबीर सिंह और ससुर जगबीर सिंह की आंखों को भी नम कर देती है। रूंधे गले से वे भी पुलिस अधिकारियों से शौर्य को बरामद करने की गुहार लगाते रहते हैं। जिस गली से शौर्य गया था। उस गली पर भी इस आस के साथ नजरें गड़ाए रहते हैं कि उनका बच्चा शायद अभी वापस आ जाए।
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बच्चे की तलाश जारी।
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शौर्य के बाबा जगबीर सिंह और पिता सोहनबीर सिंह का कहना है कि शौर्य परिवार का अकेला चिराग है। उसके गायब रहने से परिवार के सभी लोग आहत है। वे उसकी याद में न कुछ खा पा रहे हैं। और न ही सो पा रहे हैं।