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PHOTOS: टूटा गमों का पहाड़, सूनी पड़ीं गलियां और घरों में नहीं जले चूल्हे, अब परिवार में बचे सिर्फ पिता-बेटे

Fri, 27 May 2022 01:13 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बागपत
अमर उजाला ब्यूरो, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Fri, 27 May 2022 01:13 PM IST
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Baghpat Big Case: There is silence in village Bachhod and even stove is not lit in houses after death of mother and two daughter
मां-बेटियों की मौत से गांव में मातम। - फोटो : amar ujala

बागपत जनपद में छपरौली थाना क्षेत्र के बाछौड़ गांव में मां और दो बेटियों की मौत से गलियां सूनी पड़ी हैं। परिवार में चूल्हे तक नहीं जले हैं। गांव में सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि युवक-युवती के प्रेम-प्रसंग का ऐसा अंजाम किसी ने सोचा नहीं था। दोनों परिवारों के लिए यह मामला जिंदगी भर का गम दे गया है। 



परिवार पर टूटा गमों का पहाड़
महक सिंह के बेटे प्रिंस पर जब से गांव की एक युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज हुआ है, तभी से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस के लगातार घर में दबिश देने से परेशानियां झेलनी पड़ी तो अब उससे ज्यादा बड़ा गमों का पहाड़ टूट पड़ा।

Baghpat Big Case: There is silence in village Bachhod and even stove is not lit in houses after death of mother and two daughter
बागपत में मां और दो बेटी की मौत का मामला। - फोटो : amar ujala

महक सिंह ने गमगीन माहौल में बुधवार की देर शाम एक बेटी स्वाति का अंतिम संस्कार किया था। उस बेटी की मौत का गम भूल पाता कि उसकी पत्नी गीता उर्फ अनुराधा व दूसरी बेटी प्रीति की मौत की खबर मिल गई। दोनों के शव गुरुवार की शाम सवा चार बजे गांव में पहुंचे तो पूरे गांव में मातम छा गया। पूरा गांव गम में डूब गया। रुक-रुक कर सिसकियां उठती रहीं। मातम का ऐसा हाल था कि गांव में चूल्हे तक नहीं जले।

Baghpat Big Case: There is silence in village Bachhod and even stove is not lit in houses after death of mother and two daughter
बागपत में महिला और दो बेटियों की मौत का मामला। - फोटो : amar ujala

मां व बहनों की मौत के बाद भी नहीं आया युवक
पुलिस के उत्पीड़न के बाद मां और दो बहनों की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। परिवार में तीन मौत होने से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन बेटा फिर भी गांव नहीं पहुंचा। हर किसी को लग रहा था कि मां और दो बहनों की मौत की खबर उसे मिल गई होगी और वह लौट आएगा, लेकिन वह नहीं आया। लोगों ने बताया कि युवक व युवती को लेकर मार्च में भी विवाद हुआ था। तब भी प्रिंस को शांतिभंग में जेल भेज दिया था।

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Baghpat Big Case: There is silence in village Bachhod and even stove is not lit in houses after death of mother and two daughter
हंगामा करते ग्रामीण - फोटो : amar ujala

प्रधान ने लिखकर दिया 75 लाख मिले मुआवजा
बाछौड़ में डीएम राजकमल यादव और एसपी नीरज कुमार जादौन लगातार लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे। सहमति बनी कि प्रधान की तरफ से लेटर पैड पर लिखकर प्रस्ताव दिया जाएगा, जिसे डीएम की तरफ से शासन को भेजा जाएगा।

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Baghpat Big Case: There is silence in village Bachhod and even stove is not lit in houses after death of mother and two daughter
मौके पर जमा ग्रामीण व मौजूद पुलिस - फोटो : amar ujala
इसके बाद प्रधान ने पीड़ित परिवार को 75 लाख रुपये मुआवजा देने की बात लिखकर पत्र डीएम को सौंपा। इसके बाद लोग शांत हुए और महिला व उसकी बेटी के शव को एंबुलेंस से निकाला गया। करीब साढ़े चार घंटे तक तक हंगामा होता रहा। 
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