कुंभ की संस्कृति को वैश्विक रूप देने की अनूठी शुरुआत, परंपरा को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक-आध्यात्मिक आयोजन के रूप में दिव्यता-भव्यता के साथ कुंभ की संस्कृति को वैश्विक रूप देने की बड़ी शुरुआत गुरुवार को प्रयागराज की धरती से हुई। विशाल मानव शृंखला की कड़ी बनने के लिए चंद्रशेखर आजाद पार्क जाने वाले रास्तों पर हर तरफ कतार बनी और हर चेहरे पर मुस्कान के भाव दिखे। बच्चों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों और प्रतिष्ठित नागरिकों ने इस शृंखला से जुड़कर कुंभ की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कुंभ की महिमा का बखान करने के साथ ही आज हमने हजारों छात्र-छात्राओं के साथ देश-दुनिया से प्रयागराज आने वाले अतिथियों, श्रद्धालुओं के सत्कार का संकल्प लिया है। अमर उजाला की पहल से कुंभ के आयोजन को सही समय पर गति मिली है।- सुष्मिता कानूनगो- प्रधानाचार्य, महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर
संगम तट पर त्रिवेणी की पावन धारा में प्रथम शाही स्नान से पहले अमर उजाला की इस मानव शृंखला का हिस्सा बनकर बहुत खुशी मिली। कुंभ की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक गरिमा से बच्चों को परिचित कराने का यह सुनहरा अवसर था। - निमिषा श्रीवास्तव- प्रधानाचार्य, एमएल कान्वेंट इंटर कॉलेज
कुंभ में आतिथ्य सत्कार की अलख जगाने के लिए यह मानव शृंखला हर किसी के लिए प्रेरणादायक बन गई है। इससे स्वच्छता, सत्कार और सेवा और आतिथ्य का संदेश जन-जन तक जाएगा। - रवींदर बिरदी- प्रधानाचार्य, श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल
कुंभ की दिव्यता और भव्यता में चार चांद लग गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से पहली बार कुंभ की ऐसी दिव्यता देखने को मिल रही है। अमर उजाला ने पूरे प्रयागराज को कुंभ के आतिथ्य के लिए आगे आने को प्रेरित किया है। इससे हर मन में उत्साह पैदा तो हुआ ही, कुंभ की दिव्यता और भव्यता में चार चांद लग गया है। - डॉ. रामजी सिंह- प्रधानाचार्य, रानी रेवती इंटर कॉलेज
मानव शृंखला में छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों का हुजूम उमड़ने से प्रयागराज की पावन धरती पर कुंभ की भव्यता यूं ही बढ़ गई है। इस कुंभ में आने वाले किसी भी अतिथि या संत-श्रद्धालु को किसी तरह की परेशानी न होने पाए, यही हम सबने यहां संकल्प लिया है। -डॉ. टीसी पाठक, प्रधानाचार्य, सीएबी इंटर कॉलेज
प्रयागराज तीर्थों का राजा है। इसीलिए यहां लगने वाले कुंभ का महत्व अधिक होता है। इस कुंभ का इस बार विश्व भर में प्रचार-प्रसार होने की वजह से श्रद्धालुओं-पर्यटकों की भीड़ पहले की अपेक्षा बहुत ज्यादा होने की उम्मीद है। ऐसे में हर प्रयागराजवासी को अतिथियों का ख्याल रखने के लिए तैयार रहना होगा। -रजनी शर्मा, प्रधानाचार्या, बीबीएस इंटर कॉलेज
हमने यहां स्वच्छता और आतिथ्य सत्कार का संकल्प लिया है। प्रयागराज के इतिहास में यह पहला मौका है, जब एक साथ इतनी बड़ी तादाद में बच्चे कुंभ का संदेश पहुंचाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। हमने संकल्प लिया है कि कुंभ की दिव्यता में चार चांद लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। प्रमोद त्रिपाठी- प्रधानाचार्य, सरोज विद्या शंकर इंटर कॉलेज
'कुंभ की अलौकिक छटा और निखर गई'
कुंभ की संस्कृति को विश्व पटल पर ले जाने की यह एक बड़ी शुरुआत प्रयागराज की धरती से हुई है। इसके लिए हम सब अमर उजाला की पहल के मुरीद हो गए हैं। इस विश्वस्तरीय आयोजन के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोगों को एकजुट करने की कोशिश अनुकरणीय है। -सरोज पटेल- प्रधानाचार्य, आशुतोष मेमोरियल पब्लिक स्कूल
हम सबने आज यहां कुंभ में आने वाले अतिथियों के आतिथ्य-सत्कार का संकल्प लिया है। इस मानव शृंखला के बाद प्रयागराजवासियों का उत्साह और बढ़ गया है।
रिचा सामंत- उप प्रधानाचार्य- रुद्र प्रयाग रुद्र प्रयाग विद्या मंदिर
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बनाई गई इस मानव शृंखला में हमने स्वच्छता और सेवा की शपथ ली है। इस संदेश को हम जन-जन तक पहुंचाएंगे, ताकि कुंभ के अनुभवों को देश-दुनिया से आने वाले लोग महसूस कर सकें। -डॉ. अविनाश कुमार श्रीवास्तव- इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय
विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में कुंभ के महत्व से बच्चों को परिचित कराने का यह अवसर बेजोड़ था। नई पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिला। हम सब कुंभ के अतिथियों के स्वागत के लिए पूरे उत्साह के साथ तैयार हैं। - अल्पना डे, प्रधानाचार्या, गंगा गुरुकुलम्