संगम की रेती पर मोक्ष की कामना से लाखों गृहस्थ परिवारों के कल्पवास के बीच गुरुवार को वसंत पंचमी पर साधकों-संतों ने विश्व कल्याण के लिए कठिन साधना आरंभ की। अग्नि के घेरे के बीच करीब दो सौ से अधिक संत इस धूना तपस्या में रम गए। माघ मेला बाद गंगा दशहरा पर इस तपस्या की पूर्णाहुति होगी।
संगम की रेती पर दुर्लभ और कठिन तप, अग्नि के घेरे में धूना तपस्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 31 Jan 2020 12:53 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन