सात इंडोनेशियाई नागरिकों के साथ 37 जमातियों के पकड़े जाने के बाद शहर का करेली, शाहगंज की काटजू रोड और अब्दुल्लाह मस्जिद के आसपास का इलाका संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील माना जा रहा है। तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाली आबादी के इसकी चपेट में आने की आशंका है। सोमवार को इन इलाकों में सर्वे के लिए पहुंचे डॉक्टरों सहित पैरामेडिकल स्टॉफ को विरोध का सामना भी करना पड़ा। आशाओं पर फब्तियां कसी गईं।
PrayagrajCoronaUpdate: करेली, काटजू रोड और अब्दुल्ला मस्जिद बने हॉट स्पाट, जांच को गए मेडिकल स्टाफ से अभद्रता
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रविवार से आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम की ओर से बीमार होने वाले, बाहर से आने वालों की जानकारी जुटाई जा रही है। आयुष विभाग के चिकित्सकों की टीम को करेली और शाहगंज इलाके की काटजू रोड की अब्दुलाह मजिस्द और उसके आसपास के इलाके में उतारा गया है। डॉ. मीसम जैदी सहित कई डॉक्टरों की टीम ने करेली इलाके का सर्वे किया।
जमातियों के संपर्क में आने वाले तीन हजार से अधिक परिवारों को घरों में क्वारंटीन किया गया है। इसके अलावा 37 जमातियों को भी इसी इलाके में बने महबूबा गेस्ट हाउस में क्वारंटीन किया गया है। प्रतापगढ़ की मस्जिद से लौटे 11 लोग भी इसी इलाके के हैं। उनको भी करेली स्थित अंबर गेस्ट हाउस में क्वारंटीन किया गया है। रविवार को इलाके में सर्वे कर रहे चिकित्सकों, आशाओं को यहां के लोगों का विरोध का सामना भी करना पड़ा।
कई आशाओं ने बताया कि यहां के लोग उन्हें ठीक से जानकारी नहीं दे रहे हैं। कई जगह पर उन्हें फब्तियां भी कसी गईं। लोग चाहते हैं कि स्वास्थ्य टीमें उनके इलाके में न आए, उनसे जानकारी न मांगे। आशाओं का कहना है कि उन्हें इस काम के लिए पुलिस की सुरक्षा चाहिए। इस मामले में अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। सर्वे अभियान के नोडल ऑफिसर डॉ. सत्येंद्र राय कहते हैं कि जहां से ऐसी शिकायतें आ रहीं हैं, वहां स्थानीय प्रशासन से मदद ली जा रही है।
कोटवा-बनी शिफ्ट हुए प्रतापगढ़, कौशाम्बी के कोरोना मरीज
इंडोनेशियाई जमाती के कोटवां शिफ्ट किए जाने के बाद कौशांबी और प्रतापगढ़ में पॉजिटिव पाए गए मरीजों को कोटवां-बनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेे शिफ्ट कर दिया गया है। इससे कोरोना मरीजों की संख्या पांच हो गई है। उनकी निगरानी के लिए डॉक्टरों के साथ पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को घर जाने नहीं दिया जा रहा है। उन्हें होटलों में आइसोलेट रखा गया है।
कोरोना के संक्रमण की पुष्टि होने पर इंडोनेशियाई जमाती को रविवार को करेली स्थित महबूबा गेस्ट हाउस से शिफ्ट किया गया था। इसके बाद कौशाम्बी के 21 वर्षीय युवक को लाया गया। यह युवक जोधपुर किसी काम से गया था। वहां कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से वह भी संक्रमित हो गया। उधर, प्रतापगढ़ में कोरोना पॉजिटिव पाए गए तीन जमातियों को एंबुलेंस से सोमवार को लाया गया। कोटवां-बनी सीएचसी के कोविड-19 लेवन-वन हॉस्पिटल के प्रभारी डॉ. वीएन मिश्रा ने बताया कि पांचों मरीजों की स्थिति अभी स्थिर है। उन्हें परेशानी नहीं है। परेशानी बढ़ी तो बेली, एसआरएन में शिफ्ट कराया जाएगा।