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Prayagraj Violence: प्रयागराज हिंसा में बड़ी चूक, बवाल की थी आशंका, नहीं हुईं मुकम्मल तैयारियां
Sat, 11 Jun 2022 12:41 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 11 Jun 2022 12:41 PM IST
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प्रयागराज में हिंसा।
- फोटो : अमर उजाला।
प्रयागराज के अटाला में बवाल की घटना से पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में है। चौंकाने वाली बात यह है कि जुमे की नमाज को लेकर पिछले एक हफ्ते से पुलिस-प्रशासन बेहद अलर्ट था। थानों से लेकर अफसरों के कार्यालयों तक लगातार उलेमाओं व प्रबुद्धजनों संग अलग-अलग मीटिंग चल रही थी। यही नहीं पुलिस अफसरों के पास इस बात का भी इनपुट था कि जुमे की नमाज के बाद बवाल हो सकता है। इसके बावजूद मुकम्मल तैयारियां नहीं की गईं और इसी का नतीजा रहा कि भीड़ को अटाला पर जमा होने का मौका मिल गया। भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान को लेकर तीन जून को कानपुर में पिछले जुमे पर ही बवाल हुआ था। इसके बाद से ही शासन की ओर से प्रदेश भर में अलर्ट जारी किया गया था। निर्देश दिए गए थे कि जुमे की नमाज के लिए कानून-व्यवस्था में कोई खलल न पड़े, इसके लिए हरसंभव उपाय कर लिए जाएं।
प्रयागराज में हिंसा।
- फोटो : अमर उजाला।
इसी के तहत पुलिस व प्रशासन के अफसर लगातार कवायद में जुटे रहे। थानों के साथ-साथ अलग क्षेत्रों ही नहीं, बल्कि पुलिस कार्यालयों में भी मुस्लिम धर्मगुरुओं व प्रबुद्धजनों के साथ बैठकें की गईं। उनसे अपील की गई कि नमाज शांतिपूर्वक अदा की जाए और किसी भी हाल में सौहार्द का माहौल न बिगड़ने पाए।
प्रयागराज में हिंसा।
- फोटो : अमर उजाला।
46 संदिग्ध हुए थे चिह्नित, लगातार हो रही थी निगरानी
शासन की ओर से अलर्ट किए जाने के साथ ही पुलिस के पास भी इसका इनपुट था कि जुमे की नमाज के बाद माहौल खराब किया जा सकता है। इसे लेकर ही जिला पुलिस ने जुमे से पहले ही 46 लोगों की लिस्ट तैयार की थी। आशंका थी कि यह भोले-भाले लोगों को भड़काकर हिंसा करा सकते हैं, ऐसे में उन्हें चिह्नित कर लगातार उनकी निगरानी की जा रही थी।
शासन की ओर से अलर्ट किए जाने के साथ ही पुलिस के पास भी इसका इनपुट था कि जुमे की नमाज के बाद माहौल खराब किया जा सकता है। इसे लेकर ही जिला पुलिस ने जुमे से पहले ही 46 लोगों की लिस्ट तैयार की थी। आशंका थी कि यह भोले-भाले लोगों को भड़काकर हिंसा करा सकते हैं, ऐसे में उन्हें चिह्नित कर लगातार उनकी निगरानी की जा रही थी।
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प्रयागराज में हिंसा।
- फोटो : अमर उजाला।
खुद अफसरों ने इस बाबत बताया था कि चिह्नित किए गए 46 लोगों की निगरानी के लिए कुल 161 लोगों की टीम लगाई गई है। माहौल बिगाड़ने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिए जाने का भी इनपुट पुलिस अफसरों को मिला था। यही वजह थी कि सोशल मीडिया पर किए जाने वाले हर पोस्ट, कमेंट व मैसेज की निगरानी के लिए तेजतर्रार 72 पुलिसकर्मियों की टीम को लगाया गया था। इसके अलावा एलआईयू व इंटेलिजेंस की टीमें भी गोपनीय तरीकेसे जानकारी जुटा रही थीं।
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प्रयागराज में हिंसा।
- फोटो : अमर उजाला।
सीएए-एनआरसी प्रदर्शन के दौरान भी हुआ था बवाल
जिस अटाला में शुक्रवार को बवाल हुआ, वह पहले से ही बेहद संवेदनशील रहा है। अफसरों को भी इसकी जानकारी थी। यहां एनआरसी व सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान भी जबरदस्त बवाल हुआ था। तब भी अटाला चौराहे के पास ही कई हजार लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।
जिस अटाला में शुक्रवार को बवाल हुआ, वह पहले से ही बेहद संवेदनशील रहा है। अफसरों को भी इसकी जानकारी थी। यहां एनआरसी व सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान भी जबरदस्त बवाल हुआ था। तब भी अटाला चौराहे के पास ही कई हजार लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।