यमुनापार में कोरांव थाना क्षेत्र के निश्चिंतपुर गांव में बुधवार दोपहर 4 बीघा जमीन के विवाद में तीन सगे भाइयों की लाठी-डंडे और पत्थरों से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। हमलावर पट्टीदारों ने दो महिलाओं को भी पीट कर मरणासन्न कर दिया है।
प्रयागराज में चार बीघा जमीन के विवाद में तीन सगे भाइयों की नृशंस हत्या
कोरांव के निश्चिंतपुर गांव में बरमदीन यादव और शिवनारायण यादव के परिवारों के बीच वर्षों से 4 बीघा जमीन का विवाद चला आ रहा है। बुधवार बरमदीन के बेटे इंद्र बहादुर यादव, राम सिंह यादव और रवींद्र यादव ट्रैक्टर लेकर खेत में जुताई के लिए गए थे।
परिवार की ही सुनीता और उसकी बेटी रागिनी भी खेत में थीं। उसी समय 10-12 की संख्या में आरोपियों ने लाठी-डंडे और ईंट पत्थरों से हमला कर दिया। तीनों भाइयों को लाठी-डंडे और पत्थरों से जमकर पीटा गया। जब तक गांव वाले पहुंचते, हमलावरों ने इंद्र बहादुर को मार डाला था। राम सिंह, रवींद्र, रागिनी और सुनीता मरणासन्न हालत में पड़े हुए थे। पुलिस को सूचना देकर परिवार वाले सभी को अस्पताल लेकर भागे, लेकिन राम सिंह और रवीन्द्र की रास्ते में मौत हो गई।
रागिनी और सुनीता को एसआरएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वारदात की सूचना पाकर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे।
एसएसपी के मुताबिक दोनों परिवारों में जमीन को लेकर वर्षों से विवाद था। इस विवाद में हमलावर पक्ष के एक व्यक्ति की 2014 में हत्या हो चुकी है। इसी दुश्मनी में बुधवार को भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ। पुलिस ने मामले में शिव नारायण पक्ष के 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार महिलाएं भी हैं। शेष आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
वारदात का वीडियो वायरल, महिलाओं ने भी मारे पत्थर
निश्चिंतपुर गांव में हुई तीन हत्याओं का वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें हमलावर तीनों को तब तक पीटते दिख रहे हैं, जब तक कि उनकी जान नहीं निकल गई। हमलावरों को पता था कि इंद्र बहादुर के परिवार के लोग बुधवार को खेत जोतने आएंगे। इसलिए उन्होंने पूरी तैयारी कर रखी थी। शिवनारायण के परिवार के पुरुषों के साथ साथ महिलाएं ईट पत्थर और लाठी लेकर पेड़ों के पीछे छिपी थीं। हमला शुरू हुआ तो 15-20 की संख्या में पुरुष और महिलाएं उन पर टूट पड़ीं।
हमलावरों के पक्ष में आई महिलाएं भी उन पर पथराव करने लगती हैं। तीनों भाई पहले थोड़ा प्रतिरोध करते हैं, लेकिन 15-20 की संख्या के आगे वे बेबस हो जाते हैं। हमले में जमीन पर गिरने के बाद लाठियों की ऐसी बरसात होती है कि वे दोबारा उठ नहीं पाते। उनका यह हाल देखकर रागिनी और सुनीता उसे लिपटने लगी, लेकिन हमलावरों ने महिलाओं पर रहम नहीं किया। दोनों को लाठी-डंडे और ईट पत्थर से इतना पीटा कि वे बेहोश हो गईं।