रात को स्थिर गंगा-यमुना के जलस्तर में बृहस्पतिवार की सुबह फिर तेज रफ्तार से वृद्धि शुरू हो गई। देर रात बख्शी बांध और सलोरी के चार स्लूज गेट बंद कर दिए गए। तीन दिन पहले बांधों से छोड़ा गया पानी यहां पहुंचने के साथ ही बारिश की वजह से जलस्तर में तीन सेमी प्रतिघंटा की रफ्तार वृद्धि होने के बाद सिंचाइ बाढ़ खंड ने यह कदम उठाया।
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उधर, हरिद्वार, नरोरा और कानपुर बांधों से इस दिन भी गंगा में 4.31 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया। इससे घाटों के ऊपर जलदबाव बढ़ने लगा है। कई इलाकों में कटान भी तेजी से होने लगी है। फिलहाल फाफामऊ में गंगा खतरे के निशान से चार मीटर और नैनी में यमुना पांच मीटर नीचे बह रही है।
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गंगा-यमुना के जलस्तर में तेज वृद्धि से तटवर्ती इलाकों में लोगों की नींद उड़ गई है। रात गंगा में तीन और यमुना में चार सेंमी प्रतिघंटा का इजाफा होने की जानकारी मिलने के बाद एक्सईएन बाढ़ खंड ब्रजेश सिंह के निर्देशन में बख्शीबांध और सलोरी में लगे चार स्लूज गेट बंद कर दिए गए।
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तीर्थपुरोहितों के अलावा फेरी वालों और फूलमाला कारोबारियों ने अपना समान फिर समेट लिया। पानी बढ़ने के साथ ही जिंदगियां अब ऊपर की ओर खिसकने लगी हैं। सिंचाई बाढ़ खंड के कंट्रोल रूम के मुताबिक बृहस्पतिवार की रात आठ बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.94 मीटर रिकार्ड किया गया।
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जबकि छतनाग में गंगा 78.66 मीटर पर पहुंच गईं। इसी तरह नैनी में यमुना का जल स्तर 79.32 मीटर रिकार्ड किया गया। उधर, बांधों से फिर चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से गंगा में जलदबाव और बढ़ने की आशंका है।