प्रयागराज में 11वीं के छात्र पीयूष की हत्या की दास्तान सुनकर पुलिसकर्मी भी सिहर उठे। आरोपी रिश्ते के दादा शरण सिंह ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि उसने अपने ही भतीजे के बेटे को काम के बहाने घर बुलाया और भीतर ले जाकर पहले सिर पर वार कर अचेत कर दिया। इसके बाद हाथों से गला दबाकर उसकी जान ले ली।
हत्या के बाद हेक्सा ब्लेड से उसके हाथ-पैर और सिर अलग कर दिए और फिर इन्हें एक-एक कर ठिकाने लगा दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शरण सिंह मृतक छात्र के घर के पास ही रहता था। छात्र रोज सुबह स्कूल जाने के लिए निकलता था और मंगलवार सुबह भी वह स्कूल जा रहा था।
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छात्र पीयूष का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जंगल में फेंक आया कटे हुए हाथ-पैर और सिर
इसी बीच उसने उसे बहाने से अपने घर बुला लिया। अंदर पहुंचते ही सिर पर पीछे से वार कर उसे अचेत कर दिया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद कटे हुए हाथ-पैर और सिर को थैले में भरकर करेंहदा जंगल में फेंक आया।
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Prayagraj Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
फिर घर लौटा और धड़ को पॉलिथीन में लपेटकर अपनी स्कूटी पर रखा। इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र के नाले में फेंककर वापस चला आया। पूछताछ के दौरान जब आरोपी ने वारदात का तरीका कबूल किया तो वहां मौजूद पुलिस अफसर और जवान भी स्तब्ध रह गए।
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थाने का घेराव करते लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां पर टूटा गमों का पहाड़
मृतक की मां कामिनी रो-रोकर बेहाल हैं। पति की मौत के बाद पीयूष ही उसके जीवन का सहारा था। वह यही कहकर बिलख रही थी कि मुझे क्या पता था कि मेरा बेटा स्कूल जाने के लिए निकला है और वापस कभी नहीं लौटेगा।
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छात्र पीयूष का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अब मैं किसके सहारे रहूंगी। सदियापुर गुरुद्वारे के पास स्थित बस्ती में घटना के बाद मातम पसरा है। लोग कहते हैं कि जिसने भी पीयूष को जाना, वह उसकी सादगी और होनहार स्वभाव का कायल था। मोहल्लेवासियों का कहना है कि रिश्ते का दादा ही दरिंदा बन जाएगा, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।